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जांच में मनरेगा कार्य मिले फर्जी
ब्यूरो/अमर उजाला, देवाल
Updated Tue, 12 Apr 2016 10:21 PM IST
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ग्राम पंचायत देवसारी में मनरेगा के कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला प्रकाश में आया है। डीएम ने मनरेगा के तकनीकी सहायक, वीडीओ, रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान से 2,43,274 रुपये वसूल करने और तत्कालीन प्रभारी खंड विकास अधिकारी पर एक हजार रुपये अर्थदंड सहित दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश खंड विकास अधिकारी को दिए हैं।
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देवसारी के क्षेत्र पंचायत सदस्य मंजू परिहार और वार्ड सदस्यों ने वर्ष 2014-15 में ग्राम पंचायत देवसारी में किए गए मनरेगा के कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत डीएम से की थी। खंड विकास अधिकारी, सहायक जिला पंचायत अधिकारी और एडीओ पंचायत ने कार्यों की जांच की। जांच में मनरेगा के दो कार्यों को फर्जी और स्थल पर नहीं पाया गया। छह कार्यों की गुणवत्ता खराब मिली।
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डीएम को भेजी गई जांच रिपोर्ट में प्रधान सहित मनरेगा के तकनीकी सहायक, ग्राम विकास अधिकारी और रोजगार सेवक की मिलीभगत बताया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने बीडीओ और कार्यक्रम अधिकारी को एक सप्ताह में 2,43,274 रुपये वसूलने के आदेश दिए। पूर्व प्रभारी बीडीओ सोहन लाल को एक हजार रुपये, तकनीकी सहायक पर 93,310, ग्राम विकास अधिकारी पर 48,655, रोजगार सेवक पर 48,654 और ग्राम प्रधान को 48,654 रुपये देने का नोटिस जारी किया। खंड विकास अधिकारी नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि संबंधितों को वसूली का नोटिस जारी कर दिया गया है। ग्राम प्रधान से वसूली के लिए डीपीआरओ को लिखा गया है। तीन दिन में धनराशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
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