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प्रभावितों और प्रशासन की बैठक रही बेनतीजा
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Tue, 21 Mar 2017 10:15 PM IST
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सेलंग गांव के परियोजना प्रभावितों और तहसील प्रशासन की टीम की मंगलवार को हुई बैठक बेनजीता रही। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
सेलंग गांव के ग्रामीणों ने रोजगार और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सोमवार से तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना के गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। मंगलवार को भी उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहा। प्रभावितों ने कहा कि एनटीपीसी की ओर से प्रभावितों की अनदेखी की जा रही है।
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मंगलवार सुबह 11 बजे तहसील प्रशासन की टीम प्रदर्शनकारियों के साथ वार्ता के लिए धरनास्थल पर पहुंची, लेकिन करीब दो घंटे तक हुई बैठक बेनतीजा रही। तहसीलदार बीडी जोशी ने प्रदर्शनकारियों को 22 मार्च को त्रिपक्षीय वार्ता के लिए जोशीमठ तहसील में बुलाया है। इस मौके पर युवक मंगल दल अध्यक्ष कल्पेश्वर भंडारी, उप प्रधान देवेंद्र सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह, महादीप पंवार और मोहन सिंह फर्स्वाण आदि मौजूद थे।
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त्रिपक्षीय वार्ता कर सुलझाएंगे समस्या
अलकनंदा पर निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना प्रभावित द्वींग-तपोण गांव के ग्रामीणों ने टीएचडीसी कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने एसडीएम जोशीमठ को सौंपे ज्ञापन में कहा कि टीएचडीसी की ओर से ग्रामीणों की हक-हकूक की भूमि परियोजना निर्माण में ली गई।
अनुबंध के मुताबिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक ग्रामीणों को रोजगार नहीं दिया गया है। प्रभावित भरत सिंह झिंक्वाण, अनूप सेमवाल, पंकज हटवाल, वीरेंद्र, हरीश, उमा देवी और रेखा देवी ने कहा कि उनके गांव के नीचे से परियोजना की सुरंग का निर्माण किया जा रहा है, जिससे गांव को खतरा बना है।
वहीं, जोशीमठ के एसडीएम योगेंद्र सिंह ने 24 मार्च को टीएचडीसी और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता कर समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया है।