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Chamoli: गरुड़ में बैठकर अपने धाम के लिए रवाना हुए भगवान बदरीनाथ, कपाट खुलने से पहले हुआ सबसे अहम अनुष्ठान

Fri, 02 May 2025 10:45 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ज्योतिर्मठ (चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, ज्योतिर्मठ (चमोली) Updated Fri, 02 May 2025 10:45 AM IST
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Lord Badrinath left for his abode sitting on Garuda Badrinath Dham opening Date
बदरीनाथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

 नृसिंह मंदिर परिसर में गरुड़ छाड़ मेले का भव्य आयोजन किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीनाथ को गरुड़ में बैठाकर धाम के लिए प्रस्थान कराया। इस अनुष्ठान को भगवान बदरीनाथ के कपाट खुलने का श्रीगणेश भी माना जाता है।

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बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में गरुड़ छाड़ सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम अनुष्ठान होता है। पूर्व में यह नृसिंह मंदिर परिसर में होता था मगर कुछ कारणों से करीब 40 वर्षों से इसे देव पुजाई समिति के कार्यालय के पास किया जाने लगा था। इस बार फिर से यह अनुष्ठान को नृसिंह मंदिर परिसर में करने का निर्णय लिया गया।
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बृहस्पतिवार को नृसिंह मंदिर में विशेष पूजाएं हुईं। दोपहर एक बजे से गरुड़ छाड़ का आयोजन शुरू हुआ। छावनी बाजार से नृसिंह मंदिर तक रस्सी के सहारे लकड़ी से बने गरुड़ की प्रतिमा को छोड़ा गया। उसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा को उसी रस्सी के सहारे आगे भेजा गया।
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मान्यता है कि गरुड़ छाड़ मेले के बाद भगवान विष्णु अपने वाहन गरुड़ में बैठकर बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करते हैं। इस दौरान देव पुजाई समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूरी, बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूरी, बदरीनाथ के धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह, दीपक शाह, सतीश भट्ट, उमेश सती सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
 

आज पांडुकेश्वर के लिए रवाना होगी आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी
ज्योतिर्मठ। बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को ज्योतिर्मठ नृसिंह मंदिर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा के साथ रावल (बदरीनाथ के मुख्य पुजारी), धर्माधिकारी और वेदपाठी योग बदरी पांडुकेश्वर के लिए रवाना होंगे। तीन मई को पांडुकेश्वर से कुबेर और उद्धव की उत्सव डोली के साथ सभी देव डोलियां बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होंगी और चार मई को प्रात: छह बजे बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। 

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उत्सव डोली में जाएंगे गरुड़ भगवान
नृसिंह मंदिर परिसर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के साथ गरुड़ भगवान की मूर्ति भी उत्सव डोली से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होगी। बीते दिनों देव पुजारी समिति और रेक्वाल समिति की ओर से बीकेटीसी के अधिकारियों से गरुड़ भगवान की मूर्ति को भी उत्सव डोली से बदरीनाथ के लिए रवाना करवाने की मांग की गई थी। इस पर बीकेटीसी ने सहमति जता दी है। बृहस्पतिवार को गरुड़ जी की मूर्ति को विधि-विधान से नृसिंह मंदिर में विराजमान कर दिया गया है। अभी तक गरुड़ की मूर्ति को बदरीनाथ के खजाने के साथ धाम तक ले जाया जाता था। 

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