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पत्नी की हत्या के दोषी को उम्र कैद
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता चौहान की अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए हैं। दोषी पति घटना के बाद से पुरसाड़ी जेल में बंद था।
सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप बर्तवाल ने बताया कि कर्णप्रयाग तहसील के खांकर एरवाड़ी गांव निवासी मनबीर सिंह की बेटी ने 3 जून 2019 को थापली के पटवारी में तहरीर दी थी कि उसके पिता ने मां सरस्वती देवी के साथ मारपीट की। घटना के बाद खून से लथपथ सरस्वती देवी को एंबुलेंस से कर्णप्रयाग अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उपचार के दौरान सरस्वती की मौत हो गई। बेटी ने तहरीर में यह भी बताया था कि घटना को सभी भाई-बहनों ने देखा। तहरीर के आधार पर राजस्व पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया और मनबीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में 22 जुलाई 2019 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपेश्वर की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय खुलने के बाद मामला कर्णप्रयाग स्थानांतरित किया गया। करीब दो साल तक कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। बचाव एवं अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता चौहान की अदालत ने बुधवार को हत्या के दोषी मनबीर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप बर्तवाल ने बताया कि कर्णप्रयाग तहसील के खांकर एरवाड़ी गांव निवासी मनबीर सिंह की बेटी ने 3 जून 2019 को थापली के पटवारी में तहरीर दी थी कि उसके पिता ने मां सरस्वती देवी के साथ मारपीट की। घटना के बाद खून से लथपथ सरस्वती देवी को एंबुलेंस से कर्णप्रयाग अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उपचार के दौरान सरस्वती की मौत हो गई। बेटी ने तहरीर में यह भी बताया था कि घटना को सभी भाई-बहनों ने देखा। तहरीर के आधार पर राजस्व पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया और मनबीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में 22 जुलाई 2019 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपेश्वर की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय खुलने के बाद मामला कर्णप्रयाग स्थानांतरित किया गया। करीब दो साल तक कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। बचाव एवं अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता चौहान की अदालत ने बुधवार को हत्या के दोषी मनबीर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
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