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Chamoli News: जोशीमठ नगर की हो सुरक्षा, निर्माण कार्यों के तहत हो रहे विस्फोट रोकें
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जोशीमठ में भू धंसाव को लेकर एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजते स्थानीय लोग।
- फोटो : GOPESHWAR
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नगर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे भू-धंसाव से चिंतित स्थानीय लोगों ने जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी से भेंट की। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि जोशीमठ नगर में लगातार भू-धंसाव हो रहा है साथ ही नगर की तलहटी में चल रहे बाईपास के निर्माण कार्य में विस्फोटों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे लोगों में दहशत है। उन्होंने जोशीमठ नगर की सुरक्षा के उपाय करने और विस्फोट रोकने की मांग की।
लोगों ने एसडीएम से कहा कि नगर के गांधीनगर और अन्य क्षेत्र में लगातार भू-धंसाव बढ़ रहा है। कई मकान रहने लायक नहीं रह गए हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, कमल रतूड़ी, प्रकाश नेगी, सूरज कप्रवाण, कमलेश नौटियाल और चंद्रमोहन आदि ने कहा कि क्षेत्र में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना की निर्मात्री कंपनी एनटीपीसी से पूर्व में हुए समझौते के तहत जोशीमठ के सभी मकानों का बीमा किया जाना था लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जल विद्युत परियोजना की सुरंग भी जोशीमठ नगर में भूमिगत है। सुरंग से नगर में भू-धंसाव हो रहा है या प्राकृतिक, इसकी भी जांच की जानी चाहिए। साथ ही प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार की वर्तमान विस्थापन एवं पुनर्वास नीति में संशोधन करने और संपूर्ण जोशीमठ नगर में प्रभावित मकानों का सर्वेक्षण कर सुरक्षात्मक उपाय कराने की मांग की।
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लोगों ने एसडीएम से कहा कि नगर के गांधीनगर और अन्य क्षेत्र में लगातार भू-धंसाव बढ़ रहा है। कई मकान रहने लायक नहीं रह गए हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, कमल रतूड़ी, प्रकाश नेगी, सूरज कप्रवाण, कमलेश नौटियाल और चंद्रमोहन आदि ने कहा कि क्षेत्र में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना की निर्मात्री कंपनी एनटीपीसी से पूर्व में हुए समझौते के तहत जोशीमठ के सभी मकानों का बीमा किया जाना था लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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जल विद्युत परियोजना की सुरंग भी जोशीमठ नगर में भूमिगत है। सुरंग से नगर में भू-धंसाव हो रहा है या प्राकृतिक, इसकी भी जांच की जानी चाहिए। साथ ही प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार की वर्तमान विस्थापन एवं पुनर्वास नीति में संशोधन करने और संपूर्ण जोशीमठ नगर में प्रभावित मकानों का सर्वेक्षण कर सुरक्षात्मक उपाय कराने की मांग की।
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