सदाशिव रामलीला कमेटी कर्णप्रयाग की ओर से आयोजित रामलीला मंचन का भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के साथ शुभारंभ हुआ। मंचन का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष दमयंती रतूड़ी ने किया। उन्होंने दर्शकों को भगवान श्रीराम के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया। इस दौरान रावण की ओर से कैलाश पर्वत हिलाने का मंचन किया गया।
रामलीला मंचन के प्रथम दृश्य में लंकापति रावण की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ब्रह्म देव उसे बलशाली होने, कुंभकरण को निंद्रा और विभीषण को श्री राम की तपस्या में लीन होने का वरदान देते हैं। तब रावण कैलाश पर्वत को अपनी शक्ति के बल पर हिला देता है। इससे नाराज भोलेनाथ रावण को श्राप देते हैं कि तुम्हारी मौत नर बंदरों से होगी। मंचन में क्षीर सागर में विष्णु भगवान का दृश्य भी दिखाया गया। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा, सचिव आशीष थपलियाल, संक्षक सरदार संत सिंह, गोपी राम बैंजवाल, उपाध्यक्ष महिपाल सोनियाल मौजूद रहे। वहीं, नंदप्रयाग और सैकोट गांव में भी रामलीला मंचन का शुभारंभ हुआ। नंदप्रयाग में नगर पंचायत अध्यक्ष डा. हिमानी वैष्णव और सैकोट गांव में ग्राम प्रधान शंकर सिंह रावत ने रामलीला का शुभारंभ किया। इस मौके पर रामलीला मंचन के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह नेगी, महेंद्र पुरोहित, प्रदीप सेमवाल, सुरेंद्र राणा, बिंदु गुर्साइं, संरक्षक उमेश चंद्र थपलियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश पुरोहित, निर्देशक भगत सिंह नेगी आदि मौजूद थे।