Joshimath: भूस्खलन की जद में आया मकान तो छोड़ दिया गांव, पगनों गांव में पहले ही जा चुके कई परिवार
लगातार भूस्खलन जोशीमठ के कई गांव के लिए मुसीबत बन चुका है। पगनों गांव में एक माह से भूस्खलन हो रहा है। खतरे को देखते हुए 16 परिवार घरों को छोड़कर पास में ही अन्यत्र घरों में चले गए हैं।
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पगनों गांव में एक माह से पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। खतरे को देखते हुए अभी तक 16 लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं जबकि बृहस्पतिवार को तो एक परिवार ने गांव ही छोड़ दिया है।
पगनों गांव में एक माह से भूस्खलन हो रहा है जिससे मलबा गांव में आने से खतरे को देखते हुए 16 परिवार घरों को छोड़कर पास में ही अन्यत्र घरों में चले गए हैं। अब गांव के जगत सिंह पंवार का मकान भी भूस्खलन से खतरे की जद में आ गया तो उन्होंने बृहस्पतिवार को गांव ही छोड़ दिया। वह परिवार के साथ सलूड़ गांव में किराये के घर में चले गए हैं।
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जगत सिंह ने बताया कि उनके चार कमरों का मकान कभी भी ढह सकता है। उनके खेत भी बरबाद हो चुके हैं। प्रशासन ने राहत के नाम पर सिर्फ कुछ टिन दी हैं। मकान बनाने के लिए उनके पास जमीन भी नहीं बची है। पत्नी और सात वर्षीय बेटे को लेकर गांव छोड़कर दूसरे गांव में आ गए हैं। उन्होंने सरकार से पुनर्वास की मांग की। संवाद