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हिमवंत देश होला त्रिजुुगी नारेण...
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
Updated Sun, 16 Oct 2016 09:31 PM IST
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mela
- फोटो : अमर उजाला
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पर्यटन नगरी ग्वालदम में रविवार को उत्तराखंड काश्तकार एवं शिल्पी मेले का रंगारंग शुभारंभ हुआ। मेले का उद्घाटन थराली के विधायक और संसदीय सचिव डा. जीतराम ने किया। मेले में स्कूली बच्चों और लोक कला मंच के कलाकारों ने गढ़वाल और कुमाऊं की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
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जीआईसी मैदान में शुरू हुए मेले के पहले दिन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, जीआईसी सरकोट सहित आसपास के स्कूली छात्र-छात्राओं ने हिमवंत देश होला त्रिजुुगी नारेण..., डांडयूं मां बुरांश कन खिललो.., सहित लोक गीत और नृत्यों की प्रस्तुति दी।
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वहीं अल्मोड़ा कला मंच ने गढ़ कुमाऊंनी प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को देर शाम तक झुमाया। समारोह में डा. जीतराम ने कहा कि काश्तकार, शिल्पी और सांस्कृतिक कलाकारों के संगम वाला मेला प्रदेश में पहली बार हो रहा है।
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गढ़वाल और कुमाऊं की सीमा में बसे ग्वालदम में प्रदेश की दोनों प्रमुख संस्कृतियों का समागम होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य भावना रावत, सुशील रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य उर्मिला गड़िया, कमला नेगी, किशन सिंह, गरूड़ के जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र मेहता, बागेश्वर के क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदीश कुनियाल, ग्वालदम की प्रधान मीनू टम्टा, हीरा सिंह बडियारी, हरीश जोशी और लखन सिंह आदि मौजूद थे।
स्टॉल में लोगों ने ली जानकारी
मेले में लगे कृषि, उद्यान, मौन पालन, कृषि विज्ञान केंद्र, विकास विभाग, एसएसबी की ओर से लगे स्टॉलों में लोगों ने विभिन्न जानकारियां लीं। वहीं जोधपुर ओर चित्तौड़गढ़ से पहुंचे किसानों के कृषि उपकरण और अन्य उत्पाद खासे सराहनीय रहे। व्यापार संघ अध्यक्ष विवेक शाह ने कहा कि पहाड़ में कृषि उपकरणों को तैयार करने सहित कृषि प्रोत्साहन के लिए मेला उपयोगी साबित होगा।