घंटाकर्ण मंदिर के कपाट छह माह के लिए खुले
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सीमांत गांव माणा में दो दिनों तक चले धार्मिक अनुष्ठान के बाद भगवान घंटाकर्ण मंदिर के कपाट मंगलवार को छह माह के लिए खुल गए हैं।
भगवान घंटाकर्ण को बदरीनाथ क्षेत्र का क्षेत्रपाल माना जाता है। इस दौरान घंटाकर्ण सांस्कृतिक मेला समिति की ओर से आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक मेले में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
मंगलवार को मेले की सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने तुम पुजारीख, पूजा लगावा, पंचमुखी शंख बजावा, हिमवंत देश होला त्रिजुगीनारायण, मेला-थेलों मां सजी-धजी जाणी होली और द्वी गते बैशाख सुरमा मेरा मुलूक मेला गीतों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गायक किशन महिपाल ने मासी का टगर, तुम द्यौ होला, जै-जै हो रक्षपाल घन्याला जैसे धार्मिक गीतों की प्रस्तुतियां दीं। गायिका मीना राणा ने जय बदरी नारायण बोल, ऊंचा डांडा दिखोलू, ठंडू पाणी पिलोलू और ओ साहिबा जैसे गीतों की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन सुनील सजवाण ने किया।
मेले का समापन करते हुए बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति के द्योतक हैं। उन्होंने इसके संरक्षण के लिए सबको आगे आने का आह्वान किया।
इस मौके पर बीआरओ के कमांडेंट एस सुब्रमण्यम, ऊर्जा निगम अभियंता दिवान सिंह खाती, एनएस चौहान, माणा गांव के प्रधान भगत सिंह बड़वाल, राम सिंह कंडारी, मोहन खत्री, पीतांबर मोल्फा और बीएस मोल्फा आदि मौजूद थे।