फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Garhwali dialect should be included in new education policy

नई शिक्षा नीति में गढ़वाली बोली-भाषा हो शामिल

Sat, 23 Jan 2021 11:27 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jan 2021 11:27 PM IST
विज्ञापन
Garhwali dialect should be included in new education policy
उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से श्रीदेव सुमन विवि के गोपेश्वर परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की ओर से वेबिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान नई शिक्षा नीति में गढ़वाली बोली-भाषा को भी जोड़ने पर जोर दिया गया।
विज्ञापन

अकादमिक शोध एवं परीक्षण उत्तराखंड की निदेशक सीमा जौनसारी ने कहा कि नई शिक्षा नीति में स्थानीय बोली भाषा को जोड़ा जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को इसका ज्ञान मिल सके। इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि समय के साथ लुप्त हो रही चीजों को तार्किक आधार पर संरक्षित करने की जरूरत है। जागर गायिका पद्मश्री बसंती बिष्ट ने कहा कि गढ़वाल के लोक गीतों के संरक्षण के साथ ही संस्कृति के संरक्षण के लिए सभी को आगे आने की आवश्यकता है। प्राचार्य प्रो. आरके गुप्ता ने एनएसएस के स्वयंसेवकों से अपनी संस्कृति को बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। इस मौके एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डा. पूजा राठौर, डा. भालचंद नेगी, डा. एके सैनी और डा. वंदना लोहनी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed