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वन अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियां निरस्त
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Sat, 30 Apr 2016 07:27 PM IST
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अपर प्रमुख वन संरक्षक गढ़वाल गंभीर सिंह ने कहा कि वनाग्नि की विकरालता को देखते हुए समस्त वन अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की अभी तक की सभी घटनाएं मानव जनित हैं।
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पिछले चार वर्षों के अंतराल में वनाग्नि का यह सबसे विकराल रूप है। पत्रकारों से बातचीत में अपर प्रमुख वन संरक्षक ने कहा कि चीड़ के पेड़ वनाग्नि को बढ़ावा दे रहे हैं। चीड़ के पौधों का रोपण नहीं होता है, बल्कि ये प्राकृतिक रूप से हो जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि वन पंचायत के वनों में आग लगाने को लेकर ग्रामीणों में भ्रांति है कि आग लगाने से घास की उत्पादकता बढ़ जाती है, जबकि ऐसा नहीं है। आग लगने से सीजनल घास नष्ट हो जाती है। ब्यूरो
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