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ग्वीलों गांव के समीप पहुंची आग फायर ब्रिगेड के जवानों ने बुझाई
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चमोली जिले में जंगलों की आग थम नहीं रही है। बृहस्पतिवार को चमोली-गोपेश्वर मार्ग पर ग्वीलों गांव के समीप चीड़ के जंगल में आग भड़क उठी आग आबादी क्षेत्र तक आने लगे। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड के जवानों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। वहीं पोखरी, घाट और दशोली ब्लॉक के जंगलों में भी आग भड़की हुई है। जिले में अभी तक 110.95 हेक्टेयर जंगल आग से जल चुका है। सर्वाधिक अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग में 54 हेक्टेयर जंगल जला है, जबकि 16.25 हेक्टेयर में पौधरोपण भी प्रभावित हुआ है। आग से वन विभाग को 385562 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
चमोली जिले में सर्वाधिक आग चीड़ के जंगलों में लगी हुई है। बृहस्पतिवार को गोपेश्वर के समीप ग्वीलों गांव के समीप चीड़ के जंगल में आग भड़क गई। आग सुबह 10 बजे तक आबादी क्षेत्र के नजदीक पहुंचने लगी तो स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। फायर ब्रिगेड के साथ जवान मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने आग पर काबू पाया। बेकाबू आग के कारण करीब दो हेक्टेयर वन क्षेत्र नष्ट हो गया है। बदरीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह ने बताया कि असामाजिक तत्वों की ओर से जंगलों में आग लगाई जा रही है। आग लगाने वालों की पहचान होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। आग बुझाने में पुलिस प्रशासन की भी मदद ली जा रही है।
वनों को आग से बचाने का आह्वान
देवाल। पूर्णा गांव में आयोजित गोष्ठी में वनों को आग से बचाने के लिए सभी से आगे आने का आह्वान किया गया। गोष्ठी में वृक्षमित्र डॉ. त्रिलोक सोनी ने कहा कि जंगलों में आगजनी से पूरे पहाड़ धधक रहे हैं और वातावरण दूषित हो रहा है। समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो वो बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। जलस्रोत सूख जाएंगे, जिसका सीधा असर हमारे खेेतों और जानवरों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वनों की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों व वन पंचायतों को दी जाए। प्रधान मनोज कुमार ने कहा कि वनों को बचाने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। ममंद अध्यक्ष साबुली देवी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण के लिए जंगलों को बचाना बचाना होगा। सरपंच गोविंद सोनी ने वनों को आग से बचाने के लिए वन पंचायतों को और अधिकार संपन्न बनाया जाना चाहिए। गोष्ठी में मनोज कुमार, नीमा देवी, गोविंद राम, बसंती देवी, संतोष कुमार, गोपाल राम, नंदन आर्य, देव प्रकाश, हरीश सोनी, मुन्ना सानू और प्रताप राम शामिल रहे।
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चमोली जिले में सर्वाधिक आग चीड़ के जंगलों में लगी हुई है। बृहस्पतिवार को गोपेश्वर के समीप ग्वीलों गांव के समीप चीड़ के जंगल में आग भड़क गई। आग सुबह 10 बजे तक आबादी क्षेत्र के नजदीक पहुंचने लगी तो स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। फायर ब्रिगेड के साथ जवान मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने आग पर काबू पाया। बेकाबू आग के कारण करीब दो हेक्टेयर वन क्षेत्र नष्ट हो गया है। बदरीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह ने बताया कि असामाजिक तत्वों की ओर से जंगलों में आग लगाई जा रही है। आग लगाने वालों की पहचान होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। आग बुझाने में पुलिस प्रशासन की भी मदद ली जा रही है।
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वनों को आग से बचाने का आह्वान
देवाल। पूर्णा गांव में आयोजित गोष्ठी में वनों को आग से बचाने के लिए सभी से आगे आने का आह्वान किया गया। गोष्ठी में वृक्षमित्र डॉ. त्रिलोक सोनी ने कहा कि जंगलों में आगजनी से पूरे पहाड़ धधक रहे हैं और वातावरण दूषित हो रहा है। समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो वो बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। जलस्रोत सूख जाएंगे, जिसका सीधा असर हमारे खेेतों और जानवरों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वनों की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों व वन पंचायतों को दी जाए। प्रधान मनोज कुमार ने कहा कि वनों को बचाने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। ममंद अध्यक्ष साबुली देवी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण के लिए जंगलों को बचाना बचाना होगा। सरपंच गोविंद सोनी ने वनों को आग से बचाने के लिए वन पंचायतों को और अधिकार संपन्न बनाया जाना चाहिए। गोष्ठी में मनोज कुमार, नीमा देवी, गोविंद राम, बसंती देवी, संतोष कुमार, गोपाल राम, नंदन आर्य, देव प्रकाश, हरीश सोनी, मुन्ना सानू और प्रताप राम शामिल रहे।
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