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बुजुर्ग महिलाओं ने खुद ठीक की पेयजल लाइन
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कालेश्वर गांव में आठ परिवारों के घर में जब एक महीने से पानी नहीं आया तो गांव की बुजुर्ग महिलाओं ने कुदाल व फावड़ा उठाया और खुदाई कर खुद पेयजल लाइन को ठीक कर दिया। बुजुर्ग महिलाओं के हौसले को देखकर हर कोई इनकी तारीफ कर रहा है।
कालेश्वर की बुजुर्ग मुन्नी देवी (68), रामी देवी (67) विशेश्वरी देवी (65), विपिन रावत, बबलू नेगी, गौरव रावत ने बताया कि उनके गांव में एक महीने से नलों पर पानी नहीं आ रहा था। ऐसे में गांव के लोग प्राकृतिक स्रोत और पिंडर नदी से पीने का पानी ला रहे थे। इस दौरान कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को समस्या बताई गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस पर बुधवार को उन्होंने खुद सब्बल, बेलचा, कुदाल व फावड़ा उठाया और खुदाई शुरू कर दी। तब देखा की पेयजल लाइन दबी हुई है जिस कारण पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने कुछ ग्रामीणों को बुलाया और उनकी मदद से लाइन ठीक कर दी गई। इसके बाद बुजुर्ग महिलाओं ने खोदी गई जगह को फिर मिट्टी से भर दिया। कुछ देर बाद जब नलों पर पानी आया तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
संस्थान बोला, नहीं की शिकायत
जल संस्थान कर्णप्रयाग के जेई जेएस बिष्ट ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से इससे पहले पानी न आने की कोई शिकायत नहीं की गई। लाइन चोक होने से समस्या आ सकती है। फिर भी फीटर को मौके पर भेजकर पेयजल कनेक्शन दिखवाया जाएगा।
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कालेश्वर की बुजुर्ग मुन्नी देवी (68), रामी देवी (67) विशेश्वरी देवी (65), विपिन रावत, बबलू नेगी, गौरव रावत ने बताया कि उनके गांव में एक महीने से नलों पर पानी नहीं आ रहा था। ऐसे में गांव के लोग प्राकृतिक स्रोत और पिंडर नदी से पीने का पानी ला रहे थे। इस दौरान कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को समस्या बताई गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस पर बुधवार को उन्होंने खुद सब्बल, बेलचा, कुदाल व फावड़ा उठाया और खुदाई शुरू कर दी। तब देखा की पेयजल लाइन दबी हुई है जिस कारण पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने कुछ ग्रामीणों को बुलाया और उनकी मदद से लाइन ठीक कर दी गई। इसके बाद बुजुर्ग महिलाओं ने खोदी गई जगह को फिर मिट्टी से भर दिया। कुछ देर बाद जब नलों पर पानी आया तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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संस्थान बोला, नहीं की शिकायत
जल संस्थान कर्णप्रयाग के जेई जेएस बिष्ट ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से इससे पहले पानी न आने की कोई शिकायत नहीं की गई। लाइन चोक होने से समस्या आ सकती है। फिर भी फीटर को मौके पर भेजकर पेयजल कनेक्शन दिखवाया जाएगा।
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