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Chamoli News: बारिश न होने से पोखरी में सूखे जैसे हालात
Thu, 15 Jan 2026 06:43 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 15 Jan 2026 06:43 PM IST
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फोटो
गेहूं, जौ, सरसों के साथ ही साग सब्जियों की फसलें बरबाद होने के कगार पर
संवाद न्यूज एजेंसी
पोखरी (चमोली) लंबे समय से बारिश न होने से पोखरी क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। गेहूं, जौ, सरसों के साथ ही साग सब्जियों की फसलें बरबाद होने के कगार पर पहुंच गई हैं। गेहूं की फसल अधिकांश जगहों पर पीली पड़ गई हैं। काश्तकारों का कहना है कि जंगली जानवरों के बाद अब मौसम की मार पड़ रही है जिससे खाद्यान्न का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से सर्वेक्षण कर बरबाद हो रही फसलों का मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई।
काश्तकारों ने कहा कि बीते सितंबर माह से बारिश नहीं हुई है जिससे फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। गेहूं की पौधों की वृद्धि रुक गई है। सरसों के पौधे भी मुरझाने लगे हैं। काश्तकार विजय थपलियाल, देवी प्रसाद, सरिता देवी, कल्पेश्वरी देवी और दिनेश का कहना है कि क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। पहले वन्यजीवों ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया और अब मौसम की मार पड़ रही है जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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गेहूं, जौ, सरसों के साथ ही साग सब्जियों की फसलें बरबाद होने के कगार पर
संवाद न्यूज एजेंसी
पोखरी (चमोली) लंबे समय से बारिश न होने से पोखरी क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। गेहूं, जौ, सरसों के साथ ही साग सब्जियों की फसलें बरबाद होने के कगार पर पहुंच गई हैं। गेहूं की फसल अधिकांश जगहों पर पीली पड़ गई हैं। काश्तकारों का कहना है कि जंगली जानवरों के बाद अब मौसम की मार पड़ रही है जिससे खाद्यान्न का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से सर्वेक्षण कर बरबाद हो रही फसलों का मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई।
काश्तकारों ने कहा कि बीते सितंबर माह से बारिश नहीं हुई है जिससे फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। गेहूं की पौधों की वृद्धि रुक गई है। सरसों के पौधे भी मुरझाने लगे हैं। काश्तकार विजय थपलियाल, देवी प्रसाद, सरिता देवी, कल्पेश्वरी देवी और दिनेश का कहना है कि क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। पहले वन्यजीवों ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया और अब मौसम की मार पड़ रही है जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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