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पटरी पर नहीं लौटा ग्रामीण जनजीवन
ब्यूरो/अमर उजाला, पोखरी (चमोली)
Updated Tue, 28 Jun 2016 08:41 PM IST
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ब्लॉक के सेरा-मालकोटी में बीते 25 जून की रात्रि को आई आपदा के चार दिनों बाद यहां पेयजल सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। गांव में प्राकृतिक जल स्रोतों की कमी के चलते ग्रामीण अब बरसाती नालों का पानी पीने को मजबूर हैं। साथ ही आपदा से गांव के पैदल रास्तों के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति में भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बीते 25 जून को पोखरी ब्लॉक के सेरा मालकोटी के ऊपरी हिस्से में बादल फटने से गांव को सप्लाई होने वाले पेयजल लाइन, पैदल रास्ते और सिंचाई नहरें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। साथ ही आपदा के दौरान 33 ग्रामीणों की गौशालाएं और 76 बकरियों सहित कई मवेशी बह गये थे। जिसके बाद 26 जून को उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने गांव का जायजा लिया।
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ग्राम प्रधान सुनीता देवी व भरत सिंह का कहना है कि प्रशासन की टीम के जायजा लेन के बावजूदअभी तक यहां पेयजल की सुचारु आपूर्ति नहीं हो पाई है। वहीं नहरों के क्षतिग्रस्त होने से गांव में धान की रोपाई का काम भी पूरी तरह से रुक गया है।
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इधर, जिलाधिकारी चमोली विनोद कुमार सुमन का कहना है सेरा मालकोटी में आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिये सभी विभागों को निर्देश दे दिये गये हैं। शीघ्र गांव में आवश्यक सेवाएं सुचारु कर दी जाएंगी।