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आठ दिनों से अनशन कर रहे प्रवीण के स्वास्थ्य में गिरावट
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गोपेश्वर जिलाचिकित्सालय में अनशन करते प्रवीण सिंह काशी।
- फोटो : GOPESHWAR
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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर प्रवीण सिंह काशी का अस्पताल में आमरण अनशन आठवें दिन भी जारी रहा। लगातार अनशन करने से उनके स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है।
प्रवीण सिंह काशी ने पुरसाड़ी जेल में 19 सितंबर को अनशन शुरू किया था। जेल में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने पर जेल प्रशासन ने उन्हें जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती करा दिया, लेकिन उन्होंने अनशन जारी रखा। पहाड़ी आर्मी के संयोजक हरीश रावत ने बताया कि डॉक्टरों ने प्रवीण सिंह में कीटोन की कमी आई है, जिससे उनकी किडनी में इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही उनका वजन भी करीब डेढ़ किलो घट गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो सरकार की तरफ से और न ही किसी राजनीतिक दल से उन्हें समर्थन मिला है। यदि सरकार जल्द प्रवीण के अनशन को खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो वह भी आंदोलन शुरू कर देंगे।
17वें दिन भी क्रमिक अनशन जारी
गैरसैंण। रामलीला मैदान में स्थायी राजधानी की मांग को लेकर क्रमिक अनशन कर रहे आंदोलनकारियों को जनता और अन्य सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। 17वें दिन भी जारी क्रमिक अनशन के दौरान संघर्ष समिति के आंदोलनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन का केंद्र रहे गैरसैंण की घोर उपेक्षा की जा रही है। राज्य के लिए शहादत देने वाले वीर शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए सरकार को गैरसैंण स्थायी राजधानी घोषित करना ही पड़ेगा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि सरकार बताए कि यदि गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी है तो राज्य की स्थायी राजधानी कहां है। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बन जाने तक संघर्षरत रहेंगे। इस मौके पर कृष्णा नेगी, आशाराम सती, काशी देवी, सरोज शाह, अनीसा बेगम, गणेेशी देवी, गीता, पारी देवी, रहिमान, मंजू, रणजीत शाह, जाहिद मोहम्मद, जगदीश सिंह, मोहम्मद जान और धर्मा देवी मौजूद थे। संवाद
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प्रवीण सिंह काशी ने पुरसाड़ी जेल में 19 सितंबर को अनशन शुरू किया था। जेल में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने पर जेल प्रशासन ने उन्हें जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती करा दिया, लेकिन उन्होंने अनशन जारी रखा। पहाड़ी आर्मी के संयोजक हरीश रावत ने बताया कि डॉक्टरों ने प्रवीण सिंह में कीटोन की कमी आई है, जिससे उनकी किडनी में इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही उनका वजन भी करीब डेढ़ किलो घट गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो सरकार की तरफ से और न ही किसी राजनीतिक दल से उन्हें समर्थन मिला है। यदि सरकार जल्द प्रवीण के अनशन को खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो वह भी आंदोलन शुरू कर देंगे।
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17वें दिन भी क्रमिक अनशन जारी
गैरसैंण। रामलीला मैदान में स्थायी राजधानी की मांग को लेकर क्रमिक अनशन कर रहे आंदोलनकारियों को जनता और अन्य सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। 17वें दिन भी जारी क्रमिक अनशन के दौरान संघर्ष समिति के आंदोलनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन का केंद्र रहे गैरसैंण की घोर उपेक्षा की जा रही है। राज्य के लिए शहादत देने वाले वीर शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए सरकार को गैरसैंण स्थायी राजधानी घोषित करना ही पड़ेगा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि सरकार बताए कि यदि गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी है तो राज्य की स्थायी राजधानी कहां है। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बन जाने तक संघर्षरत रहेंगे। इस मौके पर कृष्णा नेगी, आशाराम सती, काशी देवी, सरोज शाह, अनीसा बेगम, गणेेशी देवी, गीता, पारी देवी, रहिमान, मंजू, रणजीत शाह, जाहिद मोहम्मद, जगदीश सिंह, मोहम्मद जान और धर्मा देवी मौजूद थे। संवाद
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