फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Demand for canceling contracts

ठेकों को निरस्त करने की मांग हुई तेज

Thu, 27 Apr 2017 10:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली Updated Thu, 27 Apr 2017 10:07 PM IST
विज्ञापन
Demand for canceling contracts
strike - फोटो : amar ujala bureau

 शराब के ठेकों को निरस्त करने और ब्लाकों को शराब मुक्त बनाने की मांग को लेकर कर्णप्रयाग में दूसरे दिन और देवाल में 20वें दिन धरना जारी रहा। धरने पर बैठी महिलाओं और युवाओं ने कहा कि शराब को किसी भी हालात में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन


तहसील परिसर में शराब विरोधी संघर्ष समिति की अध्यक्ष अंशी नेगी के नेतृत्व में धरने पर बैठी महिलाओं ने कहा कि जगह-जगह शराब के ठेके खुलने से युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में है। अब जरूरत शराब मुक्त गांवों को स्थापित करने की है।
विज्ञापन


सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक आयोजित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में बृजेश बिष्ट, कुंवर सिंह, अनूप चौहान, पुष्कर रावत, भुवन नौटियाल, देवराज रावत सहित सिरण, कालेश्वर और आसपास के गांवों की महिलाएं शामिल थीं। दूसरी ओर देवाल को शराब मुक्त ब्लाक बनाने की मांग को लेकर महिलाओं का धरना प्रदर्शन 20वें दिन भी जारी रहा। महिलाओं में बाजार में प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


धरना-प्रदर्शन में ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट, संघर्ष समिति के अध्यक्ष हीरा देवी पांगती, उपाध्यक्ष हिमांती बिष्ट, कोषाध्यक्ष कमला राणा, सचिव कलावती परिहार, उमा देवी, पुष्पा, दीपा, सुनीता, बेनी , रेनू, चंपा, देवकी, हिमांती, कमला, गणेशी और प्रभा सहित कई महिलाएं शामिल थीं।


ठेके खोलने के बजाय क्षेत्र में डॉक्टर और शिक्षक भेजें
अंग्रेजी शराब की दुकान बंद करने की मांग को लेकर महिलाओं का आंदोलन तेज होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को सैंती और फाली गांव की महिलाओं ने अंग्रेजी शराब की दुकान के बाहर शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर धरना दिया। महिलाओं के आंदोलन के कारण तीन दिनों से घाट बाजार स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान नहीं खुली।

धरना स्थल पर हुई सभा में महिला संघर्ष समिति की अध्यक्ष रुचि देवी ने कहा कि सरकार शराब की दुकान के बजाय घाट क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों को सुविधा संपन्न बनाए। अस्पताल में डॉक्टर और स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरा जाए।


महिलाओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र ठेके को बंद कराने की मांग उठाई। सैंती गांव की कलावती ने कहा कि शराब के बजाय युवाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएं। इस मौके पर दीपा देवी, कलावती, पारेश्वरी, मुन्नी देवी, सतेश्वरी, सुशीला, विमला, मंगसीरी देवी, केदारी देवी, रश्मि, बुदली, संगीता, दशमी, मथुरा, मंजू, हेमा, सरस्वती, कला, दीपक रतूड़ी, बिज्जू बिष्ट, विजय पुरोहित और यशपाल सिंह आदि मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed