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सगंध पादपों की खेती के लिए प्रेरित करेगा हैप्रेक
ब्यूरो/ अमर उजाला चमोली
Updated Tue, 02 Feb 2016 09:38 PM IST
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जिले के किसानों के लिए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र (हैप्रेक) सगंध पादपों की पौध उपलब्ध करवाने के साथ-साथ सगंध पादपों की खेती के लिए प्रेरित करेगा। हैप्रेक तुंगनाथ, पौथीवासा और कुलसारी के लमकुंडी में हर्बल गार्डन स्थापित करेगा।
हैप्रेक के वैज्ञानिक डा. विजयकांत पुरोहित के अनुसार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली पादप जाति विलुप्ति के कगार पर है। इनके व्यवसायिक उत्पादन और संरक्षण के लिए शोध कार्य किए जा रहे हैं। हर्बल गार्डन में किसानों को तेजपात, समोया, जटामासी, कुटकी, सतवा, चिरायत, पुष्करमूल आदि के पौधे नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। संस्थान के परियोजना शोधकर्मी नीरज बलूनी, प्रदीप डोभाल ने बताया कि पौधशाला में सभी जड़ी बूटियों का परीक्षण भी किया जाएगा।
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हैप्रेक के वैज्ञानिक डा. विजयकांत पुरोहित के अनुसार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली पादप जाति विलुप्ति के कगार पर है। इनके व्यवसायिक उत्पादन और संरक्षण के लिए शोध कार्य किए जा रहे हैं। हर्बल गार्डन में किसानों को तेजपात, समोया, जटामासी, कुटकी, सतवा, चिरायत, पुष्करमूल आदि के पौधे नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। संस्थान के परियोजना शोधकर्मी नीरज बलूनी, प्रदीप डोभाल ने बताया कि पौधशाला में सभी जड़ी बूटियों का परीक्षण भी किया जाएगा।
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