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नलों से आ रहा दूषित पानी
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गोपेश्वर। बारिश होते ही नगर में सप्लाई हो रही अमृत गंगा पेयजल योजना के नलों से पानी के साथ ही कूड़ा भी आने लगा है। पेयजल योजना के हेड पर फिल्टर की व्यवस्था न होने से यह दिक्कत आ रही है। जल निगम की लापरवाही के कारण नगर की करीब पच्चीस हजार की जनसंख्या दूषित पानी पीने को मजबूर है।
करीब बारह किलोमीटर दूर मंडल घाटी में स्थित अमृत गंगा से गोपेश्वर नगर के नौ वार्डों के लिए पेयजल की आपूर्ति होती है। पेयजल योजना का निर्माण वर्ष 2014 में पूरा होने के बावजूद अभी तक यहां फिल्टर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। मंगलवार रात को हुई भारी बारिश के बाद से नलों पर दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता ओम प्रकाश नेगी और संदीप झिंक्वाण का कहना है कि पेयजल योजना पर फिल्टर न लगने से स्थानीय लोगों के साथ ही चारधाम यात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्री भी दूषित पानी पी रहे हैं।
कोट
अमृत गंगा पेयजल योजना पर फिल्टर प्लांट निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये मिले हैं। प्लांट निर्माण की टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एक साल में प्लांट निर्माण कर नगर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जाएगी। - वीके जैन, ईई, जल निगम, गोपेश्वर, चमोली।
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विद्यापीठ बस्ती में तीन दिन से पेयजल आपूर्ति ठप
कर्णप्रयाग। कर्णप्रयाग और गैरसैंण के कई गांवों के ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। कर्णप्रयाग ब्लॉक के ग्राम पंचायत डिम्मर के विद्यापीठ बस्ती में तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप होने से यहां रह रहे 60 से अधिक परिवार दो किमी दूर पेयजल स्रोत से पीने का पानी लाने को विवश हैं। आवास विकास समिति के अध्यक्ष पवन डिमरी, सचिव रविंद्र खंडूड़ी, कोषाध्यक्ष जयदीप गैरोला आदि ने बताया कि टटासू गदेरे में स्थित पेयजल स्रोत सूखने से दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों से विद्यापीठ बस्ती के लिए वैकल्पिक पेयजल स्रोत से पानी की आपूर्ति करने और चोक हुई पाइप लाइनों को बदलने की मांग की। वहीं सिमली, बसक्वाली, बमोथ आदि गांवों में भी अनियमित पेयजल आपूर्ति बनी है। नरेंद्र सिंह, पंकज सती, बीरेंद्र सिंह, मनोज कुमार आदि ने कहा कि गैरसैंण ब्लॉक के चांदपुरगढ़ी, भलसों गांवों में भी ग्रामीण प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। जल संस्थान के ईई मुकेश कुमार ने बताया कि डिम्मर के विद्यापीठ बस्ती के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर पेयजल आपूर्ति कर दी जाएगी। अन्य गांवों में भी विभागीय कर्मियों को नियमित पेयजल आपूर्ति करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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करीब बारह किलोमीटर दूर मंडल घाटी में स्थित अमृत गंगा से गोपेश्वर नगर के नौ वार्डों के लिए पेयजल की आपूर्ति होती है। पेयजल योजना का निर्माण वर्ष 2014 में पूरा होने के बावजूद अभी तक यहां फिल्टर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। मंगलवार रात को हुई भारी बारिश के बाद से नलों पर दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता ओम प्रकाश नेगी और संदीप झिंक्वाण का कहना है कि पेयजल योजना पर फिल्टर न लगने से स्थानीय लोगों के साथ ही चारधाम यात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्री भी दूषित पानी पी रहे हैं।
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अमृत गंगा पेयजल योजना पर फिल्टर प्लांट निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये मिले हैं। प्लांट निर्माण की टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एक साल में प्लांट निर्माण कर नगर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जाएगी। - वीके जैन, ईई, जल निगम, गोपेश्वर, चमोली।
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विद्यापीठ बस्ती में तीन दिन से पेयजल आपूर्ति ठप
कर्णप्रयाग। कर्णप्रयाग और गैरसैंण के कई गांवों के ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। कर्णप्रयाग ब्लॉक के ग्राम पंचायत डिम्मर के विद्यापीठ बस्ती में तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप होने से यहां रह रहे 60 से अधिक परिवार दो किमी दूर पेयजल स्रोत से पीने का पानी लाने को विवश हैं। आवास विकास समिति के अध्यक्ष पवन डिमरी, सचिव रविंद्र खंडूड़ी, कोषाध्यक्ष जयदीप गैरोला आदि ने बताया कि टटासू गदेरे में स्थित पेयजल स्रोत सूखने से दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों से विद्यापीठ बस्ती के लिए वैकल्पिक पेयजल स्रोत से पानी की आपूर्ति करने और चोक हुई पाइप लाइनों को बदलने की मांग की। वहीं सिमली, बसक्वाली, बमोथ आदि गांवों में भी अनियमित पेयजल आपूर्ति बनी है। नरेंद्र सिंह, पंकज सती, बीरेंद्र सिंह, मनोज कुमार आदि ने कहा कि गैरसैंण ब्लॉक के चांदपुरगढ़ी, भलसों गांवों में भी ग्रामीण प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। जल संस्थान के ईई मुकेश कुमार ने बताया कि डिम्मर के विद्यापीठ बस्ती के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर पेयजल आपूर्ति कर दी जाएगी। अन्य गांवों में भी विभागीय कर्मियों को नियमित पेयजल आपूर्ति करने के निर्देश दे दिए गए हैं।