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मोमबत्ती की रोशनी में मनाएंगे दीवाली
अमर उजाला ब्यूरो/ गोपेश्वर।
Updated Wed, 12 Oct 2016 09:04 PM IST
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जोशीमठ तहसील परिसर में ओबीसी की मांग पर धरना देते ग्रामीण।
- फोटो : amar ujala.
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जिले के सुदूरवर्ती ईराणी और झींझी गांव में इस बार की दिवाली पर अंधेरा ही रहेगा। बीती 30 जून को भूस्खलन से गांवों के लिए सप्लाई हो रही बिजली लाइन के चार पोल धंस गए थे, लेकिन ऊर्जा निगम की ओर से आज तक बिजली लाइन का सुधारीकरण नहीं किया गया। ग्रामीण आपदा के बाद से मोमबत्ती और छिल्लों के सहारे रात बिता रहे हैं।
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30 जून को निजमुला घाटी में जोरदार बारिश के साथ ही कई जगहों पर भूस्खलन हुआ था, जिसके चलते पैदल रास्तों के साथ ही निजमुला-ईराणी सड़क किनारे चार बिजली के पोल भूस्खलन की चपेट में आ गए थे।
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ईराणी और झींझी गांव के ग्रामीणों ने दस किमी की पैदल दूरी तय कर डीएम को इसकी सूचना दी तो डीएम ने ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता को शीघ्र बिजली व्यवस्था के निर्देश दिए थे लेकिन आज तक गांवों में बिजली दुरुस्त नहीं हुई। मोहन सिंह नेगी का कहना है कि क्षेत्र में संचार सेवा भी नहीं है। बिजली न होने से वन्य जीव भी आबादी क्षेत्र में घुस रहे हैं। दीवाली का त्योहार भी मोमबत्ती की रोशनी में मनाना पड़ेगा।
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ईराणी गांव के पूर्व प्रधान भजन सिंह और दिनेश सिंह का कहना है कि उरेड़ा विभाग की ओर से कुछ ग्रामीणों को सोलर लाइटें वितरित की गई थीं, लेकिन बीते वर्ष तूफान में सोलर प्लेटें भी टूट गईं। चमोली ऊर्जा निगम के ईई कैलाश चंद्र का कहना है कि जिला प्लान से बिजली लाइनों की मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है। शीघ्र बिजली लाइन पर सुधारीकरण कार्य शुरू कर गांवों में बिजली सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।