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मुकदमे के विरोध में सरकार का पुतला फूंका
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भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान 38 आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे के विरोध में रविवार को माईथान बाजार में व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। कहा कि सरकार ने फर्जी मुकदमे दर्ज करके गैरसैंण आंदोलन को दबाने का कुचक्र रचा है, लेकिन आंदोलनकारी सरकार की मंशा पूरी नहीं होने देंगे। गैरसैंण स्थायी राजधानी घोषित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
स्थायी राजधानी गैरसैंण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट जेल से रिहा होने के बाद रविवार को माईथान पहुंचे। इस दौरान लोगों ने उनका स्वागत किया। बस स्टेशन पर एकत्र होने के बाद लोगों ने नारे लगा कर जुलूस निकाला और मुख्य बाजार में सरकार का पुतला दहन किया। समिति के अध्यक्ष नारायण बिष्ट ने कहा कि जब तक शहीदों के सपनों के अनुरूप सरकार गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके व्यापार संघ अध्यक्ष वीरेंद्र रावत, डॉ. कुुंवर नेगी, अवतार पुंडीर, कुंवर सिंह, विक्रम नेगी, सैन सिंह बिष्ट, जितेंद्र नेगी, हीरा नेगी, पान सिंह नेगी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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स्थायी राजधानी गैरसैंण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट जेल से रिहा होने के बाद रविवार को माईथान पहुंचे। इस दौरान लोगों ने उनका स्वागत किया। बस स्टेशन पर एकत्र होने के बाद लोगों ने नारे लगा कर जुलूस निकाला और मुख्य बाजार में सरकार का पुतला दहन किया। समिति के अध्यक्ष नारायण बिष्ट ने कहा कि जब तक शहीदों के सपनों के अनुरूप सरकार गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके व्यापार संघ अध्यक्ष वीरेंद्र रावत, डॉ. कुुंवर नेगी, अवतार पुंडीर, कुंवर सिंह, विक्रम नेगी, सैन सिंह बिष्ट, जितेंद्र नेगी, हीरा नेगी, पान सिंह नेगी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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