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Chamoli News: पैरूल देवता की पूजा के साथ बैसाखी मेले का आगाज
Sun, 13 Apr 2025 06:20 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 13 Apr 2025 06:20 PM IST
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कर्णप्रयाग मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देती महिलाएं। संवाद
फोटो
विधायक अनिल नौटियाल ने किया उद्घाटन, महिला कीर्तन मंडलियों और स्कूली बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
मेले के लिए ढाई लाख रुपये देने की घोषणा भी की
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। क्षेत्रपाल पैरूल देवता की पूजा-अर्चना के साथ नगर के तीन दिवसीय बैसाखी पर्यटन विकास मेले का आगाज हो गया है। पहले दिन महिला कीर्तन मंडलियों और स्कूली बच्चों ने जय अंबा जगदंबा...,ऋतु चैत की..., कैन लगाई बाडुली समेत कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान कलश यात्रा भी निकाली गई।
मुख्य बाजार में मेले का उद्घाटन विधायक अनिल नौटियाल ने किया। उन्होंने कहा कि अलकनंदा और पिंडर के संगम पर लोग बैसाखी पर्व पर स्नान के लिए पहुंचते हैं। यह मेला स्थानीय कलाकारों को भी मंच प्रदान कर रहा है। विधायक ने मेले के लिए ढाई लाख रुपये देने की घोषणा भी की। मेले में महिला कीर्तन मंडली शक्तिनगर, गांधीनगर, सुभाषनगर, महिला मंगल दल रिठोली, ईड़ाबधाणी, पलेठी, पाडली, सिमली आदि सहित स्कूली बच्चों ने जय अंबा जगदंबा...,ऋतु चैत की..., कैन लगाई बाडुली, माधो सिंह भंडारी और रामी बोराणी नृत्य नाटिका सहित लोकगीत, लोकनृत्य, चौफुला आदि की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह, दायित्वधारी हरक सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी, नगर अध्यक्ष बृजेश बिष्ट, हरीश सती, राजा चौहान, ईओ नरेंद्र रावत, जेई हरीश मैठाणी, सफाई निरीक्षक नितिन सती, भुवन नौटियाल आदि मौजूद थे। संचालन हर्षवर्धन थपलियाल ने किया।
इंसेट
पुलिस रही तैनात
मुख्य बाजार में मेला आयोजन के कारण पेट्रोल पंप से मुख्य बाजार वाली सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। वहीं पार्किंग और वाहनों के दबाव को देखते हुए वरिष्ठ उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी और पुलिस कर्मी मौके पर तैनात रहे। वहीं पुल पर लगे विभागों और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल से लोगों ने स्थानीय उत्पादों की खरीदारी की।
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गंगा माई मेले के लिए तैयारियां शुरू
गैरसैंण/नारायणबगड़। गंगा माई मंदिर में बैसाखी के उपलक्ष्य में मंगलवार को होने वाले मेले के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पुजारी खीमानंद गैड़ी और हीरा प्रसाद गैड़ी ने कहा मेला स्थल गंगा माई, मां भगवती तथा राधा कृष्ण मंदिर परिसर के साथ ही गैड़ गांव में भी मेले की तैयारियां की जा रही हैं। 15 अप्रैल को प्रातः नौ बजे से पूजा शुरू होगी। दोपहर दो बजे पारंपरिक देव नृत्य होगा। दूसरी ओर कुनीगाड़ के दुर्गा देवी में मेले का आयोजन भी होगा। वहीं पिंडरघाटी के बैसाखी मेलों का आगाज सोमवार को पंती (नारायणबगड़) तथा कुलसारी (थराली) से होगा।
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गोविंदघाट गुरुद्वारे में मनाया बैसाखी पर्व, पंजाब, कनाडा और इंग्लैंड से पहुंचे श्रद्धालु
ज्योतिर्मठ। हेमकुंड साहिब के प्रवेश द्वार गोविंदघाट में बैसाखी पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। गुरुद्वारे में दिनभर सिख श्रद्धालुओं के साथ ही महिलाओं ने अखंड पाठ किया। इस दौरान लंगर का आयोजन भी किया गया। बैसाखी पर्व के लिए गोविंदघाट गुरुद्वारे को फूलों से सजाया गया था। दिल्ली से माता मंजीतकौर के जत्थे के साथ पंजाब, कनाडा और इंग्लैंड से भी सिख श्रद्धालु यहां पहुंचे थे। गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि मुख्य ग्रंथि भाई मिलाप सिंंह की अगुवाई में सुबह साढ़े दस बजे अखंड पाठ शुरू हुआ जिसके बाद सबद कीर्तन, अरदास और हुकुमनामा लिया गया। गुरुद्वारा परिसर में करीब 500 श्रद्धालु लंगर में शामिल हुए। स्थानीय महिलाओं ने बैसाखी पर्व पर गुरुद्वारा परिसर में झुमैलो नृत्य किया। इस मौके पर रघुवीर सिंह और सरणजीत सिंह सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद
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विधायक अनिल नौटियाल ने किया उद्घाटन, महिला कीर्तन मंडलियों और स्कूली बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
मेले के लिए ढाई लाख रुपये देने की घोषणा भी की
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। क्षेत्रपाल पैरूल देवता की पूजा-अर्चना के साथ नगर के तीन दिवसीय बैसाखी पर्यटन विकास मेले का आगाज हो गया है। पहले दिन महिला कीर्तन मंडलियों और स्कूली बच्चों ने जय अंबा जगदंबा...,ऋतु चैत की..., कैन लगाई बाडुली समेत कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान कलश यात्रा भी निकाली गई।
मुख्य बाजार में मेले का उद्घाटन विधायक अनिल नौटियाल ने किया। उन्होंने कहा कि अलकनंदा और पिंडर के संगम पर लोग बैसाखी पर्व पर स्नान के लिए पहुंचते हैं। यह मेला स्थानीय कलाकारों को भी मंच प्रदान कर रहा है। विधायक ने मेले के लिए ढाई लाख रुपये देने की घोषणा भी की। मेले में महिला कीर्तन मंडली शक्तिनगर, गांधीनगर, सुभाषनगर, महिला मंगल दल रिठोली, ईड़ाबधाणी, पलेठी, पाडली, सिमली आदि सहित स्कूली बच्चों ने जय अंबा जगदंबा...,ऋतु चैत की..., कैन लगाई बाडुली, माधो सिंह भंडारी और रामी बोराणी नृत्य नाटिका सहित लोकगीत, लोकनृत्य, चौफुला आदि की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह, दायित्वधारी हरक सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी, नगर अध्यक्ष बृजेश बिष्ट, हरीश सती, राजा चौहान, ईओ नरेंद्र रावत, जेई हरीश मैठाणी, सफाई निरीक्षक नितिन सती, भुवन नौटियाल आदि मौजूद थे। संचालन हर्षवर्धन थपलियाल ने किया।
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पुलिस रही तैनात
मुख्य बाजार में मेला आयोजन के कारण पेट्रोल पंप से मुख्य बाजार वाली सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। वहीं पार्किंग और वाहनों के दबाव को देखते हुए वरिष्ठ उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी और पुलिस कर्मी मौके पर तैनात रहे। वहीं पुल पर लगे विभागों और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल से लोगों ने स्थानीय उत्पादों की खरीदारी की।
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गंगा माई मेले के लिए तैयारियां शुरू
गैरसैंण/नारायणबगड़। गंगा माई मंदिर में बैसाखी के उपलक्ष्य में मंगलवार को होने वाले मेले के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पुजारी खीमानंद गैड़ी और हीरा प्रसाद गैड़ी ने कहा मेला स्थल गंगा माई, मां भगवती तथा राधा कृष्ण मंदिर परिसर के साथ ही गैड़ गांव में भी मेले की तैयारियां की जा रही हैं। 15 अप्रैल को प्रातः नौ बजे से पूजा शुरू होगी। दोपहर दो बजे पारंपरिक देव नृत्य होगा। दूसरी ओर कुनीगाड़ के दुर्गा देवी में मेले का आयोजन भी होगा। वहीं पिंडरघाटी के बैसाखी मेलों का आगाज सोमवार को पंती (नारायणबगड़) तथा कुलसारी (थराली) से होगा।
गोविंदघाट गुरुद्वारे में मनाया बैसाखी पर्व, पंजाब, कनाडा और इंग्लैंड से पहुंचे श्रद्धालु
ज्योतिर्मठ। हेमकुंड साहिब के प्रवेश द्वार गोविंदघाट में बैसाखी पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। गुरुद्वारे में दिनभर सिख श्रद्धालुओं के साथ ही महिलाओं ने अखंड पाठ किया। इस दौरान लंगर का आयोजन भी किया गया। बैसाखी पर्व के लिए गोविंदघाट गुरुद्वारे को फूलों से सजाया गया था। दिल्ली से माता मंजीतकौर के जत्थे के साथ पंजाब, कनाडा और इंग्लैंड से भी सिख श्रद्धालु यहां पहुंचे थे। गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि मुख्य ग्रंथि भाई मिलाप सिंंह की अगुवाई में सुबह साढ़े दस बजे अखंड पाठ शुरू हुआ जिसके बाद सबद कीर्तन, अरदास और हुकुमनामा लिया गया। गुरुद्वारा परिसर में करीब 500 श्रद्धालु लंगर में शामिल हुए। स्थानीय महिलाओं ने बैसाखी पर्व पर गुरुद्वारा परिसर में झुमैलो नृत्य किया। इस मौके पर रघुवीर सिंह और सरणजीत सिंह सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद