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कड़ी मशक्कत के बाद चमोली सीमा पर बुझाई आग
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चमोली जनपद में पहुंची कुमाऊं क्षेत्र के जंगल की आग को बुझाने में जुटे वन कर्मी।
- फोटो : GOPESHWAR
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कुमाऊं क्षेत्र के जंगलों में लगी आग को केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के वन कर्मियों और ग्रामीणों ने चमोली की सीमा पर ही बुझा दिया। बुधवार रात करीब दो बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने से क्षेत्र का जंगल जलने से बच गया। वन कर्मियों ने देर रात ही फायर लाइन भी खींची।
केदारनाथ वन्य जीव वन प्रभाग के अंतर्गत गैरसैंण लोहबा रेंज से लगे अल्मोड़ा वन प्रभाग के जंगल में आग लग गई थी। आग की लपटें चमोली जिले की सीमा की ओर बढ़ने लगी, जिसके बाद सीमा से लगे देवपुरी क्रू स्टेशन से वन कर्मी और देवपुरी गांव के लोग रात करीब दस बजे आग बुझाने जंगल गए। काफी मशक्कत के बाद आग को केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की सीमा में ही बुझा दिया गया। रात को आग लगने की आशंका के चलते वन कर्मी और ग्रामीण रात दो बजे तक जंगल में ही रुके रहे। जब सभी आश्वस्त हो गए कि आग बुझ चुकी है उसके बाद वह लौटे। गैरसैंण लोहबा रेंज के रेंजर प्रदीप गौड़ ने बताया कि वन कर्मियों और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के कारण हमारा जंगल जलने से बच गया।
बिजली सब-स्टेशन में शॉर्ट सर्किट से मेलचौरी में जले जंगल
गैरसैंण/गोपेश्वर। बिजली सब-स्टेशन में शॉर्ट सर्किट के कारण मेहलचौरी के जंगलों में आग लग गई। आग लगने से गैरसैंण क्षेत्र में धुआं छाया है। मेहलचौरी के पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष मंगल सिंह व डॉ. अवतार नेगी ने कहा कि बुधवार दोपहर में मेहलचौरी स्थित बिजली सब-स्टेशन में शॉर्ट सर्किट होने से उससे सटे जंगल में आग लग गई। तेज हवाओं के कारण यह आग स्यूंणी तल्ली के जंगलों तक पहुंच गई है। कहा कि सब स्टेशन में स्थान कम होने के कारण बिजली के पोल चीड़ के जंगल में लगे हुए हैं। जब से यहां 33 केवी का सब स्टेशन बना है तब से शॉर्ट सर्किट के कारण तीन बार जंगल में आग लगने से वन संपदा जल चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊर्जा निगम व वन विभाग की लापरवाही के कारण आज तक सब स्टेशन के चारों ओर सुरक्षा दीवार नहीं बनी है। उन्होंने वन सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। दूसरी तरफ चमोली से लगे बांजबगड़ के पास बृहस्पतिवार को आग लग गई। वहीं बांजबगड़ के जंगल में भी आग लगी हुई है। वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने के लिए गए हुए हैं, लेकिन देर शाम तक आग को काबू नहीं किया जा सका था। संवाद
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श्रीनगर में 68 हेक्टेयर जंगल जला
श्रीनगर। श्रीनगर रेंज में बृहस्पतिवार को भी जंगल आग में जलते रहे। गिरगांव और गंगादर्शन बैंड में बुधवार रातभर आग लगी रही। क्वीराली, क्वीसू, धोबीघाट, ढिक्वालगांव और खोला के आसपास के क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को जंगलों से धुआं उठता रहा। हालांकि वन विभाग का दावा है कि आग पर काबू पा लिया गया है। श्रीनगर रेंज में इस फायर सीजन में वनाग्नि की 43 घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 67.90 हेक्टेयर जंगल जला है। वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद रावत ने बताया कि रात लगभग 11 बजे आग को बुझा लिया गया है। वहीं टिहरी जिले के माणिकनाथ रेंज के अंतर्गत लूसी गांव में खेतों में आग लग गई। रेंजर देवेंद्र पुंडीर ने बताया कि आग पर तत्काल काबू पा लिया गया है। संवाद
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केदारनाथ वन्य जीव वन प्रभाग के अंतर्गत गैरसैंण लोहबा रेंज से लगे अल्मोड़ा वन प्रभाग के जंगल में आग लग गई थी। आग की लपटें चमोली जिले की सीमा की ओर बढ़ने लगी, जिसके बाद सीमा से लगे देवपुरी क्रू स्टेशन से वन कर्मी और देवपुरी गांव के लोग रात करीब दस बजे आग बुझाने जंगल गए। काफी मशक्कत के बाद आग को केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की सीमा में ही बुझा दिया गया। रात को आग लगने की आशंका के चलते वन कर्मी और ग्रामीण रात दो बजे तक जंगल में ही रुके रहे। जब सभी आश्वस्त हो गए कि आग बुझ चुकी है उसके बाद वह लौटे। गैरसैंण लोहबा रेंज के रेंजर प्रदीप गौड़ ने बताया कि वन कर्मियों और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के कारण हमारा जंगल जलने से बच गया।
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बिजली सब-स्टेशन में शॉर्ट सर्किट से मेलचौरी में जले जंगल
गैरसैंण/गोपेश्वर। बिजली सब-स्टेशन में शॉर्ट सर्किट के कारण मेहलचौरी के जंगलों में आग लग गई। आग लगने से गैरसैंण क्षेत्र में धुआं छाया है। मेहलचौरी के पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष मंगल सिंह व डॉ. अवतार नेगी ने कहा कि बुधवार दोपहर में मेहलचौरी स्थित बिजली सब-स्टेशन में शॉर्ट सर्किट होने से उससे सटे जंगल में आग लग गई। तेज हवाओं के कारण यह आग स्यूंणी तल्ली के जंगलों तक पहुंच गई है। कहा कि सब स्टेशन में स्थान कम होने के कारण बिजली के पोल चीड़ के जंगल में लगे हुए हैं। जब से यहां 33 केवी का सब स्टेशन बना है तब से शॉर्ट सर्किट के कारण तीन बार जंगल में आग लगने से वन संपदा जल चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊर्जा निगम व वन विभाग की लापरवाही के कारण आज तक सब स्टेशन के चारों ओर सुरक्षा दीवार नहीं बनी है। उन्होंने वन सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। दूसरी तरफ चमोली से लगे बांजबगड़ के पास बृहस्पतिवार को आग लग गई। वहीं बांजबगड़ के जंगल में भी आग लगी हुई है। वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने के लिए गए हुए हैं, लेकिन देर शाम तक आग को काबू नहीं किया जा सका था। संवाद
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श्रीनगर में 68 हेक्टेयर जंगल जला
श्रीनगर। श्रीनगर रेंज में बृहस्पतिवार को भी जंगल आग में जलते रहे। गिरगांव और गंगादर्शन बैंड में बुधवार रातभर आग लगी रही। क्वीराली, क्वीसू, धोबीघाट, ढिक्वालगांव और खोला के आसपास के क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को जंगलों से धुआं उठता रहा। हालांकि वन विभाग का दावा है कि आग पर काबू पा लिया गया है। श्रीनगर रेंज में इस फायर सीजन में वनाग्नि की 43 घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 67.90 हेक्टेयर जंगल जला है। वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद रावत ने बताया कि रात लगभग 11 बजे आग को बुझा लिया गया है। वहीं टिहरी जिले के माणिकनाथ रेंज के अंतर्गत लूसी गांव में खेतों में आग लग गई। रेंजर देवेंद्र पुंडीर ने बताया कि आग पर तत्काल काबू पा लिया गया है। संवाद