चार माह बाद भी गरीबों की कई सीटें खाली

Chamoli Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
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कर्णप्रयाग। शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में गरीब एवं बीपीएल वर्ग के नौनिहालों को मुफ्त शिक्षा देने के मामले में कार्रवाई नहीं हो पा रही है। खासतौर पर कर्णप्रयाग और दशोली विकासखंड आरटीई में फिसड्डी साबित हो रहा है। अभी तक दोनों ब्लाकों में करीब साठ से 63 फीसदी प्रवेश ही हो पाए हैं। घाट और थराली विकासखंड की स्थिति भी कुछ खास अच्छी नहीं है।
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जनपद के नौ विकासखंडों में 169 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय हैं। सत्र शुरू हुए चार माह बीत गए पर जनपद के चार ब्लाक अभी तक लक्ष्य पूरा नहीं कर पाए हैं। जुलाई 2012 तक विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो जोशीमठ, पोखरी, नारायणबगड़ व देवाल ही लक्ष्य के करीब पंहुच पाए हैं। इन चार ब्लाकों के 48 विद्यालयों में 194 छात्रों को प्रवेश दिया गया है। जबकि अन्य पांच ब्लाकों 121 विद्यालयों में करीब 63 फीसदी सीटों पर ही प्रवेश हो पाया है।
--सभी निजी विद्यालयों को प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। लेकिन ब्लाक के अंतर्गत एसजीआरआर और केंद्रीय विद्यालय द्वारा अभी तक विभाग को आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले छात्रों की सूची नहीं दी गयी है।
-केएल रड़वाल, खंड शिक्षा अधिकारी कर्णप्रयाग।

जनपद के सममस्त निजी विद्यालयों से आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जाएगी। प्रवेश न लेने या न देने के सभी मामलों पर विचार-विमर्श कर ठोस निर्णय जाएगा। वंचित अभ्यर्थी अगर सभी मानकों को पूरा करते हैं तो तीस सितंबर तक भी आरटीई के तहत निजि विद्यालयों में प्रवेश कराए जाएंगे।
-भूपेंद्र सिंह नेगी, जिला शिक्षा अधिकारी चमोली।
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