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6700 यूनिटों को नहीं मिल रहा सरकारी राशन
ब्यूरो/अमर उजाला कर्णप्रयाग
Updated Sat, 18 Jun 2016 09:08 PM IST
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ऑनलाइन राशन कार्ड की प्रक्रिया गरीबों पर भारी पड़ रही है। हालात यह है कि नारायणबगड़ विकासखंड के करीब 6700 से अधिक बीपीएल परिवारों को दो माह से राशन नहीं मिल पाया है। ऐसे में उन्हें बाजार से महंगा राशन खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है। पूर्ति विभाग के अफसर इसे राशन कार्ड के ऑनलाइन न होना बता रहे हैं।
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नारायणबगड़ विकासखंड में 85 ग्राम पंचायतें हैं। यहां ऑनलाइन प्रक्रिया से पहले अंत्योदय, बीपीएल और राष्ट्रीय तथा राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 18700 यूनिटों (लोग) के लिए राशन मिलता था। पिछले दो माह से बीपीएल कार्ड धारकों को योजना के तहत मिलने वाला गेहूं, चावल नहीं मिल पा रहा है।
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सामाजिक कार्यकर्ता जयवीर सिंह कंडारी का कहना है कि बीपीएल कार्ड धारकों को सरकारी राशन नहीं मिलने से उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। कंडारी ने कहा कि शिकायत के बाद भी समस्या का हल नहीं हो पा रहा है। इधर नारायणबगड़ के पूर्ति निरीक्षक बीपी ध्यानी ने कहा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल, राष्ट्रीय और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना को साथ रखा गया है।
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ऐसे में पूर्व में रहे बीपीएल उपभोक्ताओं को प्राथमिक बीपीएल में रखा गया है। कहा कि विभाग को केवल 12000 यूनिटों का राशन एलॉट हो रहा है। जबकि प्राथमिक बीपीएल सहित 18700 यूनिटों पर राशन मिलना चाहिए। कम राशन आने से दिक्कतें हो रही है। बताया कि विकासखंड की ओर से बीपीएल राशन कार्डों को पूरी तरह ऑनलाइन नहीं करने से राशन कम मिल रही है।