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37 करोड़ में भी दुरुस्त नहीं हुई सड़क
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली।
Updated Sun, 19 Feb 2017 10:38 PM IST
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तहसील को देवाल से जोड़ने वाली थराली-देवाल-लोहाजंग सड़क पर विभाग ने चार साल में 37 करोड़ खर्च कर दिए, लेकिन सड़क की हालत अब भी बदहाल है। तहसील मुख्यालय के सामने ही राड़ीबगड़ में सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सुनगाड़ में बनी पुलिया जर्जर है, जबकि देवाल तक बने कॉजवे कई जगह क्षतिग्रस्त पड़े हैं जबकि विभाग इस खस्ताहाल सड़क पर काम पूरा बताकर अपना पल्ला झाड़ रहा है।
जून 2013 की आपदा में थराली से देवाल होते हुए लोहाजंग तक करीब 45 किमी मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी मरम्मत के लिए 2014 में श्रीनंदा देवी राजजात यात्रा के दौरान 19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इससे सड़क तो बनी लेकिन कुछ समय बाद ही क्षतिग्रस्त हो गई।
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आपदा के तहत सड़क सुधारीकरण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक डिवीजन (एडीबी) को 18 करोड़ की स्वीकृति मिली। अब एडीबी काम पूरा करने का दावा कर रहा है लेकिन सड़क की स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। अभी स्थिति यह है कि राड़ीबगड़ में सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। वहीं सुनगाड़ में जूनीधार मार्ग के मलबे से सड़क और पुलिया क्षतिग्रस्त है।
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सौगांव से देवाल तक बने कॉजवे क्षतिग्रस्त हैं, जबकि चेपड़ों से नंदकेशरी तक सड़क मलबे से पटी है। यहां ऊणी की पहाड़ियों से लगातार हो रहा भूस्खलन मुसीबत का सबब बना है। ब्लाक प्रमुख राकेश जोशी और ग्रामीण मोहन सिंह बुग्याली ने निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की।
दूसरी ओर एडीबी के सहायक अभियंता अतुल शांडिल्य का कहना है कि थराली से लोहाजंग तक सड़क को दुरुस्त कर दिया गया है। जल्द ही सड़क लोनिवि को हैंडओवर कर दी जाएगी। दूसरी ओर लोनिवि के सहायक अभियंता जीबी जोशी का कहना है कि सड़क अभी एडीबी के पास है जिसके चलते सुधारीकरण का काम एडीबी ही करेगी।