{"_id":"5ccc711cbdec2207272c3406","slug":"31556902172-chamoli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदरीनाथ हाईवे पर गौचर से माणा तक 101 संवेदनशील स्थान किए चिन्हित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदरीनाथ हाईवे पर गौचर से माणा तक 101 संवेदनशील स्थान किए चिन्हित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोपेश्वर। चारधाम यात्रा तैयारियों की कई दौर की बैठकों के बावजूद बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर कई जगहों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। लामबगड़, सेलंग, टैय्या पुल, पाताल गंगा सहित कई अन्य स्थानों पर सड़क किनारे क्रैश बैरियर और स्टील गार्डर नहीं लगाए गए हैं, जिससे यहां हर वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पुलिस प्रशासन की ओर से बदरीनाथ हाईवे पर गौचर से माणा गांव तक 101 संवेदनशील स्थान चिह्नित किए हैं, जहां सुरक्षा के इंतजाम किए जाने हैं। पुलिस की ओर से अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भी सौंपी गई है।
हाईवे पर चटवापीपल से कर्णप्रयाग तक चट्टानी भाग में हाईवे किनारे क्रैश बैरियर लगाने की जरूरत है। साथ ही लंगासू, भकुंडा, देवलीबगड़, सोनला, नंदप्रयाग, पुरसाड़ी, मैठाणा, बाजपुर, चमोली चाड़ा, क्षेत्रपाल, भीमतला, गडोरा, पाताल गंगा, लंगसी, गुलाबकोटी, हेलंग, पैनी मोड़, सेलंग, जोशीमठ से मारवाड़ी, टैय्या पुल, लामबगड़ और हनुमान चट्टी से कंचन गंगा तक जगह-जगह हिल साइड मलबा हटाने और अलकनंदा साइड स्टील गार्डर व क्रैश बैरियर स्थापित करने की जरूरत है। जोशीमठ से करीब दो किलोमीटर पहले चट्टानी भाग में हाईवे बेहद संकरा और तीखे मोड़ वाला है। लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में भी अलकनंदा साइड सुरक्षा के कोई इंतजाम अभी तक नहीं किए गए हैं। बाजपुर से लेकर चमोली बाजार तक चट्टानी भाग से होकर वाहनों की आवाजाही होती है। यहां ऑलवेदर रोड के कार्य से हिल साइड जगह-जगह मलबा पड़ा हुआ है, जबकि हाईवे पर डामर पूरी तरह से उखड़ गया है। यहां भी अलकनंदा साइड सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए हैं।
एनएचआईडीसीएल और बीआरओ को चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले हाईवे के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भूस्खलन क्षेत्रों में जेसीबी मशीन और मैन पावर की तैनाती के लिए भी कहा गया है।
विज्ञापन
-स्वाति एस भदौरिया, डीएम, चमोली
बदरीनाथ हाईवे पर ऑलवेदर रोड के कार्य से कई जगहों पर हाईवे बदहाल है। इन जगहों पर यात्रा के दौरान हर समय जेसीबी मशीन की उपलब्धता बेहद जरूरी है। हाईवे के डेंजर जोन पर पुलिस के जवानों की तैनाती भी की जाएगी।
-यशवंत सिंह चौहान, पुलिस अधीक्षक, चमोली
विज्ञापन
हाईवे पर चटवापीपल से कर्णप्रयाग तक चट्टानी भाग में हाईवे किनारे क्रैश बैरियर लगाने की जरूरत है। साथ ही लंगासू, भकुंडा, देवलीबगड़, सोनला, नंदप्रयाग, पुरसाड़ी, मैठाणा, बाजपुर, चमोली चाड़ा, क्षेत्रपाल, भीमतला, गडोरा, पाताल गंगा, लंगसी, गुलाबकोटी, हेलंग, पैनी मोड़, सेलंग, जोशीमठ से मारवाड़ी, टैय्या पुल, लामबगड़ और हनुमान चट्टी से कंचन गंगा तक जगह-जगह हिल साइड मलबा हटाने और अलकनंदा साइड स्टील गार्डर व क्रैश बैरियर स्थापित करने की जरूरत है। जोशीमठ से करीब दो किलोमीटर पहले चट्टानी भाग में हाईवे बेहद संकरा और तीखे मोड़ वाला है। लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में भी अलकनंदा साइड सुरक्षा के कोई इंतजाम अभी तक नहीं किए गए हैं। बाजपुर से लेकर चमोली बाजार तक चट्टानी भाग से होकर वाहनों की आवाजाही होती है। यहां ऑलवेदर रोड के कार्य से हिल साइड जगह-जगह मलबा पड़ा हुआ है, जबकि हाईवे पर डामर पूरी तरह से उखड़ गया है। यहां भी अलकनंदा साइड सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
एनएचआईडीसीएल और बीआरओ को चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले हाईवे के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भूस्खलन क्षेत्रों में जेसीबी मशीन और मैन पावर की तैनाती के लिए भी कहा गया है।
विज्ञापन
-स्वाति एस भदौरिया, डीएम, चमोली
बदरीनाथ हाईवे पर ऑलवेदर रोड के कार्य से कई जगहों पर हाईवे बदहाल है। इन जगहों पर यात्रा के दौरान हर समय जेसीबी मशीन की उपलब्धता बेहद जरूरी है। हाईवे के डेंजर जोन पर पुलिस के जवानों की तैनाती भी की जाएगी।
-यशवंत सिंह चौहान, पुलिस अधीक्षक, चमोली