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गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा डिम्मर गांव पहुंची
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कर्णप्रयाग। भगवान श्री बदरीनाथ गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा डिम्मर गांव पहुंच गई है। यहां भक्तों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। अब सात मई तक कलश की डिम्मर गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर रखकर पूजा की जाएगी और दोपहर बाद यात्रा जोशीमठ के लिए रवाना होगी।
गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा शुक्रवार को श्रीनगर से डिम्मर गांव के लिए रवाना हुई थी। इस दौरान घोलतीर, गौचर और कर्णप्रयाग में लोगों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। रात को जैसे ही गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा डिम्मर गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने भगवान बदरीनाथ के जयकारे लगाए और यात्रियों का भव्य स्वागत किया। शनिवार को सिमली, राड़खी, मज्याड़ी, नाकोट सहित आसपास के लोगों ने गाड़ू घड़ा के दर्शन किए। यात्रा चल रहे अनुज डिमरी, गोपी डिमरी, सुधीर डिमरी, आशुतोष डिमरी, राकेश डिमरी, राजेंद्र डिमरी, कमलेश डिमरी, बदरी प्रसाद डिमरी, पंकज डिमरी, सतीश डिमरी, अनिल डिमरी ने बताया कि डिम्मर गांव से सात मई को यात्रा जोशीमठ के लिए रवाना होगी और नृसिंह मंदिर में रुकेगी। आठ मई को यात्रा जोशीमठ से रवाना होगा पांडुकेश्वर पहुंचेगी। नौ मई को यात्रा बदरीनाथ पहुंचेगी और 10 मई को प्रात: 4:15 कर धाम के कपाट खुलने पर तिल के तेल से भगवान बदरीविशाल का महाभिषेक किया जाएगा।
गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा शुक्रवार को श्रीनगर से डिम्मर गांव के लिए रवाना हुई थी। इस दौरान घोलतीर, गौचर और कर्णप्रयाग में लोगों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। रात को जैसे ही गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा डिम्मर गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने भगवान बदरीनाथ के जयकारे लगाए और यात्रियों का भव्य स्वागत किया। शनिवार को सिमली, राड़खी, मज्याड़ी, नाकोट सहित आसपास के लोगों ने गाड़ू घड़ा के दर्शन किए। यात्रा चल रहे अनुज डिमरी, गोपी डिमरी, सुधीर डिमरी, आशुतोष डिमरी, राकेश डिमरी, राजेंद्र डिमरी, कमलेश डिमरी, बदरी प्रसाद डिमरी, पंकज डिमरी, सतीश डिमरी, अनिल डिमरी ने बताया कि डिम्मर गांव से सात मई को यात्रा जोशीमठ के लिए रवाना होगी और नृसिंह मंदिर में रुकेगी। आठ मई को यात्रा जोशीमठ से रवाना होगा पांडुकेश्वर पहुंचेगी। नौ मई को यात्रा बदरीनाथ पहुंचेगी और 10 मई को प्रात: 4:15 कर धाम के कपाट खुलने पर तिल के तेल से भगवान बदरीविशाल का महाभिषेक किया जाएगा।
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