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धारकोट लगा सूया में विकास का पहिया जाम
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देवाल। ब्लाक के धारकोट लगा सूया ग्राम पंचायत में विकास का पहिया जाम हो गया है। दो माह से ग्राम पंचायत में किसी तरह के विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं, जिसका कारण यहां ग्राम प्रधान नहीं होना है। धारकोट लगा सूया के ग्राम प्रधान का पद नवंबर माह में तत्कालीन महिला प्रधान की मौत के बाद से रिक्त है।
धारकोट लगा सूया के ग्राम प्रधान पुष्पा देवी की 19 नवंबर को आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। हालांकि उप प्रधान धनुली देवी को यहां कार्यभार देने की प्रक्रिया बीच में हुई, लेकिन धनुली देवी के कार्यभार ग्रहण करने से मना करने के बाद यहां ग्राम प्रधान का पद खाली पड़ा है। स्थिति यह है कि यहां मनरेगा में महज तीस फीसदी ही काम हुआ है, तो राज्य और चौदवें वित्त की 10 लाख से अधिक की धनराशि विभाग के खातों में पड़ी है। ऐसे में ग्रामीण बख्तावर सिंह, मेहरबान सिंह, दयाल राम, ममता देवी आदि ने डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि ग्राम पंचायत के आम प्रस्ताव के आधार पर गांव के किसी वरिष्ठ नागरिक को ग्राम प्रधान का कार्यभार दिया जाना चाहिए ताकि गांव में विकास कार्य बेहतर तरीके से हो सकें। इधर खंड विकास अधिकारी एमपी भट्ट ने कहा कि दिसंबर माह में यहां उपचुनाव की अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन तब किसी भी उम्मीदवार की ओर से नामांकन नहीं किया गया। गांव में पुन: प्रस्ताव तैयार कर जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजा जाएगा। उच्चाधिकारियों से परामर्श के बाद ग्राम प्रधान का कार्यभार गांव के किसी वरिष्ठ नागरिक को दिया जाएगा।
धारकोट लगा सूया के ग्राम प्रधान पुष्पा देवी की 19 नवंबर को आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। हालांकि उप प्रधान धनुली देवी को यहां कार्यभार देने की प्रक्रिया बीच में हुई, लेकिन धनुली देवी के कार्यभार ग्रहण करने से मना करने के बाद यहां ग्राम प्रधान का पद खाली पड़ा है। स्थिति यह है कि यहां मनरेगा में महज तीस फीसदी ही काम हुआ है, तो राज्य और चौदवें वित्त की 10 लाख से अधिक की धनराशि विभाग के खातों में पड़ी है। ऐसे में ग्रामीण बख्तावर सिंह, मेहरबान सिंह, दयाल राम, ममता देवी आदि ने डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि ग्राम पंचायत के आम प्रस्ताव के आधार पर गांव के किसी वरिष्ठ नागरिक को ग्राम प्रधान का कार्यभार दिया जाना चाहिए ताकि गांव में विकास कार्य बेहतर तरीके से हो सकें। इधर खंड विकास अधिकारी एमपी भट्ट ने कहा कि दिसंबर माह में यहां उपचुनाव की अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन तब किसी भी उम्मीदवार की ओर से नामांकन नहीं किया गया। गांव में पुन: प्रस्ताव तैयार कर जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजा जाएगा। उच्चाधिकारियों से परामर्श के बाद ग्राम प्रधान का कार्यभार गांव के किसी वरिष्ठ नागरिक को दिया जाएगा।
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