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आरोपी धीरेन्द्र सिंह रावत के खिलाफ कर्णप्रयाग, पोखरी और पौड़ी की अदालतों में चल रहे हैं मुकदमें, हाल में आरोपी को पौड़ी कोर्ट से
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थराली। चेक बाउंस के दो मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट थराली की अदालत ने आरोपी को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। आरोपी के खिलाफ कर्णप्रयाग, पोखरी और पौड़ी की अदालतों में भी मुकदमे चल रहे हैं। हाल ही में आरोपी को पौड़ी कोर्ट से भी सजा हुई है।
परिवादी रघुबीर सिंह की पैरवी कर रहे अधिवक्ता हरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी धीरेंद्र सिंह रावत, निवासी ग्राम-खैनूरी, पोस्ट-भीमतल्ला (चमोली) ने खुद को लोनिवि का कनिष्ठ अभियंता बताकर निर्माण सामग्री क्रय करने के बदले चेक दिया था, जिसे परिवादी रघुबीर सिंह ने बैंक में जमा कराया तो चेक बाउंस हो गया। इस पर परिवादी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट थराली की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया था। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट थराली साहिस्ता बानो ने आरोपी धीरेंद्र सिंह रावत को दो साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 12 लाख रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड में से आरोपी 11 लाख रुपये परिवादी को और एक लाख रुपये सरकार को अदा करेगा।
दूसरे मामले में परिवादी अजय राणा की पैरवी कर रहे अधिवक्ता हिम्मत रावल ने बताया कि धीरेंद्र सिंह रावत ने देवाल के व्यापारी अजय राणा को सामान के बदले दो लाख का चेक दिया जो बाउंस हो गया। उसके बाद परिवादी ने कोर्ट में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट थराली साहिस्ता बानो ने आरोपी को एक साल के कठोर कारावास की सजा के साथ तीन लाख रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतने केे आदेश दिए हैं।
परिवादी रघुबीर सिंह की पैरवी कर रहे अधिवक्ता हरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी धीरेंद्र सिंह रावत, निवासी ग्राम-खैनूरी, पोस्ट-भीमतल्ला (चमोली) ने खुद को लोनिवि का कनिष्ठ अभियंता बताकर निर्माण सामग्री क्रय करने के बदले चेक दिया था, जिसे परिवादी रघुबीर सिंह ने बैंक में जमा कराया तो चेक बाउंस हो गया। इस पर परिवादी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट थराली की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया था। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट थराली साहिस्ता बानो ने आरोपी धीरेंद्र सिंह रावत को दो साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 12 लाख रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड में से आरोपी 11 लाख रुपये परिवादी को और एक लाख रुपये सरकार को अदा करेगा।
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दूसरे मामले में परिवादी अजय राणा की पैरवी कर रहे अधिवक्ता हिम्मत रावल ने बताया कि धीरेंद्र सिंह रावत ने देवाल के व्यापारी अजय राणा को सामान के बदले दो लाख का चेक दिया जो बाउंस हो गया। उसके बाद परिवादी ने कोर्ट में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट थराली साहिस्ता बानो ने आरोपी को एक साल के कठोर कारावास की सजा के साथ तीन लाख रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतने केे आदेश दिए हैं।
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