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9 वर्ष में 85 तीर्थ यात्रियों की हृदय गति रुकने से मौत
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गोपेश्वर। बदरीनाथ और हेमंकुड साहिब में नौ वर्षों में 85 तीर्थयात्रियों की हृदय गति रुकने से मौत हो चुकी है। समुद्रतल से करीब 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित बदरीनाथ धाम में हर वर्ष देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं, लेकिन यहां आक्सीजन की कमी के चलते उन्हें रक्तचाप की समस्या से जूझना पड़ता है। कई बार हृदयगति रुकने से तीर्थ यात्रियों की मौत तक हो जाती है। पिछले नौ वर्षों में हृदय गति रुकने से 55 यात्रियों की मौत हो चुकी है। हालांकि इस वर्ष अभी ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
हेमकुंड साहिब भी चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित है। यहां भी पिछले नौ वर्षों में हृदय गति रुकने से 30 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हृदय रोगियों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराने के लिए धाम में कार्डियक एंबुलेंस तैनात किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे किसी भी तीर्थयात्री को हार्ट अटैक पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सकेगा। ब्यूरो
हेमकुंड साहिब भी चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित है। यहां भी पिछले नौ वर्षों में हृदय गति रुकने से 30 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हृदय रोगियों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराने के लिए धाम में कार्डियक एंबुलेंस तैनात किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे किसी भी तीर्थयात्री को हार्ट अटैक पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सकेगा। ब्यूरो
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