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जंगली जानवरों ने गांव का रुख किया तो ग्रामीणों ने उगा दिया जंगल

Tue, 04 Jun 2019 10:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2019 10:36 PM IST
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जंगली जानवरों ने गांव का रुख किया तो ग्रामीणों ने उगा दिया जंगल

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पीपलकोटी। जंगली जानवरों ने गांव का रुख किया तो गांव की महिलाओं ने जानवरों के लिए गांव के ऊपर ही जंगल उगा दिया। इससे जंगली जानवरों का गांव में आना बंद तो हुआ ही, साथ ही वर्षों पहले सूखे प्राकृतिक स्रोत भी रिचार्ज हो गए, जिससे गांव में पेयजल समस्या भी खत्म हो गई। महिलाएं अब इस जंगल को अपना मायका मानकर इसकी देखभाल कर रही हैं। महिलाओं को यह प्रेरणा गौरादेवी से मिली है।
आठ वर्ष पूर्व दशोली ब्लाक के लुहां और दिगोली गांव के ऊपर जंगल समाप्त हो रहे थे, जिससे जंगली जानवर गांव की ओर रुख कर फसलों सहित स्थानीय लोगों को भी नुकसान पहुंचा रहे थे। जंगली जानवरों से परेशान यहां की महिलाओं ने एक नायाब तरीका अपनाया। इन महिलाओं ने गांव के ऊपर खत्म हो रहे जंगल में वन विभाग के सहयोग से कई प्रजातियों के पेड़ लगाए और नियमित रूप से इनकी सुरक्षा की। करीब आठ साल बाद ग्रामीण महिलाओं की मेहनत रंग लाई और गांव के ऊपर हराभरा जंगल विकसित कर दिया। अब इस जंगल में 500 प्रजातियों के करीब पांच लाख पेड़ हैं। लुहा दिगोली क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील कोठियाल का कहना है कि यह जंगल पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक सहभागिता का उदाहरण है। आज यह जंगल जल स्रोतों को रिचार्ज कर लगभग एक हजार लोगों को पानी, चारा पत्ती व ईंधन उपलब्ध करा रहा है। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के जरिए ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत हो रही है। विमला कोठियाल, मंगला देवी, चंपा देवी, रुद्रा देवी, वरदेही देवी, पार्वती देवी, कश्मीरा देवी, उमा देवी, शकुंतला, अनीता व सुनीता कहती हैं कि वे जंगल को अपना मायका मानकर इसकी देखभाल करती हैं। यही कारण है कि इस जंगल में आज तक कभी आग नहीं लगी। जंगल से कई वर्ष पूर्व सूख चुके पानी के प्राकृतिक स्रोत भी रिचार्ज हो गए। अब उनके गांव में करीब 5 प्राकृतिक स्रोत पानी से लबालब रहते हैं।
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जंगल में इन प्रजातियों के हैं पेड़
पीपलकोटी। जंगल में बांज, काफल, बुरांस, अंग्यार, पंय्या, अखरोट, आड़ू व बुरांस की प्रजाति के लाखों पेड़ हैं।

वन विभाग कर चुका है सम्मानित
पीपलकोटी। जंगल को आग से बचाने के लिए लुहां और दिगोली की महिलाओं को वन विभाग सम्मानित कर चुका है। वन विभाग की ओर से महिला मंगल दल को पुरस्कार स्वरूप 10 हजार की नकद पुरस्कार दी गई है।
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