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प्राकृतिक स्रोतों के सूखने पर जताई चिंता
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देवाल। हाट-कल्याणी में वन विभाग के सौजन्य से जल संरक्षण दिवस पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ग्लेशियरों के पिघलने और प्राकृतिक स्रोतों के सूखने पर चिंता जताई गई।
ग्राम प्रधान मधुबाला की अध्यक्षता में वक्ताओं ने घटते जल स्तर पर चिंता जताई। वन दरोगा टीएस बिष्ट ने कहा कि जंगलों में आग लगने से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है और जंगल में स्रोत भी सूख रहे हैं। अगर वनों को नहीं बचाया गया तो भविष्य में पानी का संकट हो जाएगा। जल स्तर घटने से कई पेयजल के स्रोत खत्म हो गए हैं और बुग्यालों में कई तालाब सूख गए हैं। बैठक में लोगों ने जल संरक्षण और पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक स्रोतों से ेछेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। इस दौरान चाल-खाल की संख्या बढ़ाने पर भी विचार विमर्श किया गया। इस मौके पर ग्राम प्रधान मधुबाला, पुष्कर फर्स्वाण, यादव चंद्र मिश्रा, बीसी मिश्रा, त्रिलोक बिष्ट, क्षेपं सदस्य पुष्पा नेगी और सरपंच मनोज आदि ने विचार व्यक्त किए।
ग्राम प्रधान मधुबाला की अध्यक्षता में वक्ताओं ने घटते जल स्तर पर चिंता जताई। वन दरोगा टीएस बिष्ट ने कहा कि जंगलों में आग लगने से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है और जंगल में स्रोत भी सूख रहे हैं। अगर वनों को नहीं बचाया गया तो भविष्य में पानी का संकट हो जाएगा। जल स्तर घटने से कई पेयजल के स्रोत खत्म हो गए हैं और बुग्यालों में कई तालाब सूख गए हैं। बैठक में लोगों ने जल संरक्षण और पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक स्रोतों से ेछेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। इस दौरान चाल-खाल की संख्या बढ़ाने पर भी विचार विमर्श किया गया। इस मौके पर ग्राम प्रधान मधुबाला, पुष्कर फर्स्वाण, यादव चंद्र मिश्रा, बीसी मिश्रा, त्रिलोक बिष्ट, क्षेपं सदस्य पुष्पा नेगी और सरपंच मनोज आदि ने विचार व्यक्त किए।
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