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जैकंडी-मैखुरा मोटर मार्ग बना खस्ताहाल
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कर्णप्रयाग। ब्लॉक के पांच से अधिक गांवों को यातायात सुविधा के लिए निर्माणाधीन जेकंडी-मैखुरा मोटर मार्ग की हालत दयनीय बनी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहनों से आवाजाही करना तो दूर पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है।
कैलाश खंडूड़ी, संदीप, राकेश, भोलादत्त, सुशील, गिरीश, देवी मैखुरी, सच्चिदानंद, चक्रधर खंडूड़ी और प्रदीप आदि ने बताया कि करीब 10 साल पहले मैखुरा, कांडा, बणसोली, ग्वाड़, जेकंडी के लोगों को यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 15 किमी जेकंडी-मैखुरा मोटर मार्ग की स्वीकृति मिली थी। मार्ग तो बन गया लेकिन सड़क पर अभी तक डामरीकरण नहीं हुआ है। सड़क पर गड्ढे होने से वाहनों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि लोनिवि ने अभी तक काश्तकारों को भूमि के दबान का पैसा भी नहीं दिया है। सड़क की मिट्टी से लोगों के खेतों और फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने सड़क पर डामरीकरण करने, पुश्ते बनाने और स्क्रबरों का निर्माण करने की मांग की है। उधर लोनिवि गौचर के जेई अंशुमान गुप्ता ने कहा कि सड़क निर्माण का सुधारीकरण कार्य जारी है। जल्द ही पुश्ते, स्क्रबर और नालियों का निर्माण कर दिया जाएगा।
नारायणबगड़-परखाल मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे
नारायणबगड़। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही से नारायणबगड़-परखाल मोटर मार्ग की हालत दयनीय बनी है। सड़क खराब होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नारायणबगड़-परखाल सड़क बीते साल बरसात में ही खस्ताहाल हो गई। नौ किमी लंबे इस मोटर मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हैं तो सड़क के पुश्ते भी क्षतिग्रस्त हैं। सड़क संकरी भी हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में बीडीओ दफ्तर के ऊपर बोल्डर आया था, जिसे आज तक नहीं हटाया गया। नाली नहीं होने से सड़क का पानी सरकारी दफ्तरों और लोगों के मकानों में घुस रहा है। बिजोरागाड़, कांडा, बनेला आदि गांवों के आसपास के सड़कों के पुश्ते और नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। पूर्व क्षेपं सदस्य किशन रावत, दयाल सिंह तड़ाकी का कहना है कि यह मार्ग 30 से अधिक गांवों को जोड़ता है। वहीं लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि सड़क के क्षतिग्रस्त पुश्तों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
कैलाश खंडूड़ी, संदीप, राकेश, भोलादत्त, सुशील, गिरीश, देवी मैखुरी, सच्चिदानंद, चक्रधर खंडूड़ी और प्रदीप आदि ने बताया कि करीब 10 साल पहले मैखुरा, कांडा, बणसोली, ग्वाड़, जेकंडी के लोगों को यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 15 किमी जेकंडी-मैखुरा मोटर मार्ग की स्वीकृति मिली थी। मार्ग तो बन गया लेकिन सड़क पर अभी तक डामरीकरण नहीं हुआ है। सड़क पर गड्ढे होने से वाहनों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि लोनिवि ने अभी तक काश्तकारों को भूमि के दबान का पैसा भी नहीं दिया है। सड़क की मिट्टी से लोगों के खेतों और फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने सड़क पर डामरीकरण करने, पुश्ते बनाने और स्क्रबरों का निर्माण करने की मांग की है। उधर लोनिवि गौचर के जेई अंशुमान गुप्ता ने कहा कि सड़क निर्माण का सुधारीकरण कार्य जारी है। जल्द ही पुश्ते, स्क्रबर और नालियों का निर्माण कर दिया जाएगा।
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नारायणबगड़-परखाल मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे
नारायणबगड़। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही से नारायणबगड़-परखाल मोटर मार्ग की हालत दयनीय बनी है। सड़क खराब होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नारायणबगड़-परखाल सड़क बीते साल बरसात में ही खस्ताहाल हो गई। नौ किमी लंबे इस मोटर मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हैं तो सड़क के पुश्ते भी क्षतिग्रस्त हैं। सड़क संकरी भी हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में बीडीओ दफ्तर के ऊपर बोल्डर आया था, जिसे आज तक नहीं हटाया गया। नाली नहीं होने से सड़क का पानी सरकारी दफ्तरों और लोगों के मकानों में घुस रहा है। बिजोरागाड़, कांडा, बनेला आदि गांवों के आसपास के सड़कों के पुश्ते और नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। पूर्व क्षेपं सदस्य किशन रावत, दयाल सिंह तड़ाकी का कहना है कि यह मार्ग 30 से अधिक गांवों को जोड़ता है। वहीं लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि सड़क के क्षतिग्रस्त पुश्तों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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