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प्राध्यापक करेंगे गांवों की सुविधाओं का आंकलन
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गोपेश्वर। इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राध्यापक अब शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का आंकलन भी करेंगे। प्राध्यापक गांवों की समस्याओं पर तैयार की गई रिपोर्ट को केंद्र सरकार को भेजेंगे। इसके बाद चिह्नित गांवों में विकास का खाका तैयार होगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से संचालित उन्नत भारत अभियान योजना के तहत इंजीनियरिंग कॉलेज को सरकार की ओर से गांवों की समस्याओं पर रिपोर्ट तैयार करने और समस्याओं के निस्तारण के लिए योजना तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। इसके लिए प्राध्यापक अरविंद कुमार, जयनंदन नेगी, अरुण नेगी और हेमंत चौहान को चयनित किया गया है। पहले चरण में दशोली के ग्राम पंचायत देवर-खडोरा, कठूड़, सिरों, बणद्चवारा और देवलधार में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति के साथ ही केंद्रीय योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। कॉलेज के निदेशक केकेएस मैर ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पहले चरण में पांच गांवों में स्थलीय सर्वेक्षण कर गांवों की मूलभूत समस्याओं और उनके निराकरण पर रिपोर्ट मांगी गई है, जिस पर कार्य शुरू किया गया है। रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपने के बाद गांवों में विकास को गति मिलेगी।
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से संचालित उन्नत भारत अभियान योजना के तहत इंजीनियरिंग कॉलेज को सरकार की ओर से गांवों की समस्याओं पर रिपोर्ट तैयार करने और समस्याओं के निस्तारण के लिए योजना तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। इसके लिए प्राध्यापक अरविंद कुमार, जयनंदन नेगी, अरुण नेगी और हेमंत चौहान को चयनित किया गया है। पहले चरण में दशोली के ग्राम पंचायत देवर-खडोरा, कठूड़, सिरों, बणद्चवारा और देवलधार में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति के साथ ही केंद्रीय योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। कॉलेज के निदेशक केकेएस मैर ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पहले चरण में पांच गांवों में स्थलीय सर्वेक्षण कर गांवों की मूलभूत समस्याओं और उनके निराकरण पर रिपोर्ट मांगी गई है, जिस पर कार्य शुरू किया गया है। रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपने के बाद गांवों में विकास को गति मिलेगी।
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