उत्तराखंड राष्ट्रपति शासन की ओर, गृह मंत्रालय ने राज्यपाल से मांगी रिपोर्ट
- गृह मंत्रालय ने भी प्रदेश के राज्यपाल के के पॉल से सूबे में उत्पन्न संवैधानिक संकट पर दोबारा से रिपोर्ट मांगी है।
- चुनाव प्रचार के लिए असम गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में भी परिवर्तन।
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उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के आसार बढ़ गए हैं। स्टिंग ऑपरेशन के सामने आने के बाद भाजपा ने नए सिरे से हरीश रावत सरकार के खिलाफ आक्रमण की धार तेज कर दी है। पार्टी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ने भाजपा नेताओं को आश्वस्त किया है कि वह इस मामले में संज्ञान लेंगे। इसके बाद से सूबे में राष्ट्रपति शासन की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
इस बीच गृह मंत्रालय ने भी प्रदेश के राज्यपाल के के पॉल से सूबे में उत्पन्न संवैधानिक संकट पर दोबारा से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही चुनाव प्रचार के लिए असम गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में भी परिवर्तन हुआ है। पहले वह शनिवार रात को असम में रुकने वाले थे। लेकिन कार्यक्रम में बदलाव करते हुए वह दिल्ली लौट रहे हैं। देर रात उनके दिल्ली लौटने पर भाजपा के शीर्ष नेताओं से उनका मिलने का कार्यक्रम है। उसके बाद ही कैबिनेट बैठक बुलाने का निर्णय होगा।
रविवार को हो सकती है राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो केंद्र रविवार को उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा कर सकता है। इसके लिए सुबह कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई जा सकती है। पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता के अनुसार यदि सत्ताधारी दल कोई राजनीतिक दांव चलता है, तो उसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए चलता है।
वैसे राज्यपाल की ओर से सूबे के हालातों पर एक रिपोर्ट 19 मार्च को भी गृह मंत्रालय को मिल चुकी है। इस रिपोर्ट में राज्यपाल ने अपनी किसी टिप्पणी के बजाय विस्तार से घटनाक्रम का विवरण दिया है। लेकिन शनिवार को स्टिंग ऑपरेशन सामने के बाद भाजपा को दोबारा से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को घेरने का मौका हाथ लग गया।
पार्टी ने उसे आधार बनाते हुए राष्ट्रपति से उत्तराखंड सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि रावत को एक क्षण भी पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। सूबे में घोर संवैधानिक संकट है। हमने राष्ट्रपति से प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है।
भाजपा ने राज्यपाल पर भी बोला हमला
स्टिंग के सामने आने के बाद भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि ‘हमने राज्यपाल को बताया था कि प्रदेश सरकार खरीद-फरोख्त में संलग्न होगी।
हमारी समझ में यह नहीं आ रहा है कि विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए इतना समय क्यों दिया गया। हमारी आशंका सही साबित हुई है। यह पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है कि हरीश रावत अपने ही विधायकों को खरीदने में लगे हुए हैं।’