उत्तराखंड सियासी संकट, अग्निपरीक्षा के लिए भाजपा ने कसी कमर
- पीएम मोदी और अरुण जेटली की अनुपस्थिति में पार्टी की होगी अग्निपरीक्षा
- विजय बहुगुणा और सतपाल महाराज समर्थक कांग्रेस विधायकों पर भी नजर।
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इसके अतिरिक्त नेतृत्व की निगाहें बागी विधायक विजय बहुगुणा और सतपाल महाराज के खेमे के कांग्रेसी विधायकों पर भी टिकी हैं। पार्टी के रणनीतिकारों को पता है कि शीर्ष अदालत से राहत न मिलने की स्थिति में हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक रावत सरकार का विधानसभा में शक्ति परीक्षण होगा।
पार्टी और केंद्र सरकार को ऐसे समय में अग्निपरीक्षा के दौर से गुजरना होगा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली विदेश में होंगे। पीएम मोदी तीन देशों की यात्रा पर मंगलवार रात रवाना हो गए तो जेटली पहले से ही आस्ट्रेलिया में हैं।
फिर से विधायकों को एकजुट करने की कोशिशें शुरू
पार्टी सूत्रों ने बताया कि हाईकोर्ट का फैसला आते ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से बातचीत की। इस दौरान दोनों ही नेता पश्चिम बंगाल में थे। इसके तत्काल बाद दोनों नेताओं ने राज्य इकाई के वरिष्ठ नेताओं को अपने विधायकों और बागी विधायकों को नए सिरे से एकजुट करने का प्रयास किया।
इस क्रम में विजयवर्गीय को बुधवार को देहरादून भेजने का भी फैसला किया गया। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अगर शक्ति परीक्षण की नौबत आई तो कांग्रेस के कुछ और विधायक बगावत की राह पकड़ सकते हैं।
इसके अलावा पार्टी की निगाहें निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों पर भी है। पार्टी नेतृत्व को इस क्रम में बहुगुणा और सतपाल समर्थक माने जाने वाले कांग्रेस विधायकों के पाला बदलने की उम्मीद है।