सांसद पर हमले का मामला गरमाया, निशाने पर गृहमंत्री
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पोखरी गांव में सांसद तरुण विजय पर हुए हमले की भाजपा ने कड़े शब्दों में निंदा की है। कहा कि प्रदेश के गृहमंत्री के गृह क्षेत्र में इस तरह की घटना प्रदेश को शर्मसार करने वाली है। सभी ने एकराय होकर जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र को सिविल पुलिस के हवाले करने की बात कही। कहा कि यदि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात होता तो बेकाबू भीड़ इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटाती।
क्षेत्र के राजनेता यहां थाना नहीं खुलने देना चाहते। यदि क्षेत्र रेग्युलर पुलिस के अधीन होता है तो काफी हद तक स्थिति में काबू पाया जा सकता था। घटना की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार को लेनी चाहिए।
-अनिल चांदना, भाजपा जिला उपाध्यक्ष
भाजपा पहले से क्षेत्र में रेग्युलर पुलिस व्यवस्था करने की मांग कर रही है, लेकिन स्थानीय राजनेताओं के दबाव में प्रदेश सरकार स्वीकृत थाने तक के फैसले को पलट रही है। सांसद पर हुए हमले से देेव भूमि की छवि धूमिल हुई है।
-विवेक अग्रवाल, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष
इससे खराब कानून व्यवस्था की कल्पना नहीं की जा सकती। जौनसार बावर में तेजी से अपराध बढ़ रहे हैं। क्षेत्र में रेग्युलर पुलिस की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। त्यूनी ही नहीं आसपास के क्षेत्रों में थाने खुलने चाहिए।
-यशपाल नेगी, भाजपा जिला महामंत्री
यदि सरकार में थोड़ी से भी नैतिकता है तो गृहमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। जब गृहमंत्री के गृह क्षेत्र में सांसद तक सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी का सुरक्षा क्या गारंटी है। अब क्षेत्र में थाना खुलने की मांग और मुखर होगी।
- सुखदेव फरस्वाण, जिला महामंत्री युवा मोर्चा
भाजपा नेताओं के निशाने पर सरकार
‘सामाजिक कुरीति के सुधार के लिए सांसद तरुण विजय काफी सक्रिय हैं। उनकी मुहिम का समर्थन किया जाना चाहिए। इसे देखते हुए सरकार को उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए थी। इस घटना की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए गृह मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।’
-हरबंस कपूर विधायक कैंट
‘कांग्रेस शासन में प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। आम आदमी सुरक्षित नहीं है। सांसद पर हुए हमले ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की एक बार फिर पोल खोल दी है।’
-नीलम सहगल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा
‘देश की आजादी के इतने साल बाद भी दलितों के मंदिर प्रवेश पर प्रतिबंध निंदनीय है। किसी भी दलित के साथ ऐसी घटना संकुचित मानसिकता को दर्शाती है। चकराता क्षेत्र में चल रहे इस मसले का प्रशासन के माध्यम से सरकार को हल निकालना चाहिए था।’
-रविंद्र जुगरान, पूर्व दर्जाधारी एवं भाजपा नेता
‘इस क्षेत्र में लगातार अराजक घटनाएं हो रही हैं। राष्ट्रपति शासन में त्यूनी में थाना खोलने के निर्णय को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक मंत्री के दबाव में सरकार बनते ही पलट दिया। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाले सांसद के साथ हुई घटना निंदनीय है।’
-प्रकाश सुमन ध्यानी, वरिष्ठ भाजपा नेता
‘सांसद तरुण जी राजनीति के साथ समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। ऐसा लगता है कि उन पर हमला पूर्व नियोजित था। इस घटना ने खुफिया तंत्र के साथ ही कानून व्यवस्था की पोल भी खो कर रख दी है।’
-महेश पांडेय, भाजपा नेता