बागेश्वर। राजकीय हाईस्कूल रतबे में चार दिवसीय लोक वाद्य यंत्र प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसका समापन मंगलवार को हुआ। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को हुड़का और बांसुरी की जानकारी दी गई। लोक संगीत में इन वाद्य यंत्रों की उपयोगिता और महत्व बताकर वाद्य यंत्रों को बजाने का बेसिक अभ्यास भी कराया गया।
प्रदेश के संस्कृति विभाग की ओर से ईजा सोसायटी ने कार्यशाला का आयोजन कराया। मुख्य संदर्भदाता और सोसायटी के अध्यक्ष मोहन चंद्र जोशी ने विद्यार्थियों को हुड़के और बांसुरी की उत्पत्ति, बनावट, इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बांसुरी और हुड़का बनाने का प्रशिक्षण देकर इन्हें बजाने के बेसिक गुर सिखाए। छात्र-छात्राओं ने भी इन वाद्य यंत्र प्रशिक्षण कार्यशाला में उत्सुकता से भाग लिया। प्रधानाचार्य गोविंद नाथ ने कहा कि मोहन जोशी ने अपने बांसुरी वादन से देश ही नहीं विदेशों में भी लोगों का मन मोहा है। हुड़का बनाने और बजाने में भी उन्हें महारत हासिल हैं। लोक संगीत के संरक्षण के लिए पूरी तन्मयता से कार्य कर रहे जोशी का बच्चों को प्रशिक्षण देना बेहद सराहनीय पहल है। इससे लोक संगीत को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को प्रेरित करने में मदद मिलेगी। कार्यशाला का समापन जोशी ने भजन और लोक संगीत की धुनों के साथ किया। इस मौके पर प्रशिक्षक हरीश चंद्र उपाध्याय, ऋचा जोशी, मोहित जोशी, प्रदीप कुमार, सुरेश तिवारी, त्रिलोक राम, लीला बिष्ट, किरन साह, निर्मला कपकोटी आदि रहे।