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देखने को झील में पानी पर पीने का नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, गरुड़ (बागेश्वर)।
Updated Mon, 06 Mar 2017 11:34 PM IST
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बैजनाथ के बैराज से पानी लातीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ का नाम पर्यटन मानचित्र में शामिल होने के बावजूद गांव में जल संस्थान की पेयजल योजना नहीं बन सकी है। गांव के लोग गोमती नदी का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पेयजल योजना न बनने के लिए लोग राजनेताओं, जल संस्थान की उदासीनता को जिम्मेदार मानते हैं।
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बैजनाथ फुलवारी गूंठ ग्राम पंचायत क्षेत्र में आता है। यह गांव समुद्र तल से 1025 मीटर की ऊंचाई पर गोमती के किनारे बसा है। गांव की आबादी करीब डेढ़ हजार है। गांव में कुल डेढ़ सौ परिवार रहते हैं। इसमें 68 परिवार अनुसूचित जाति, 70 परिवार पिछड़ी जाति, आठ परिवार सामान्य जाति, चार परिवार मुस्लिम हैं। गांव से सटी गोमती में 15 करोड़ रुपए की लागत से कृत्रिम झील बनाई गई है।
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यह गांव की सुंदरता बढ़ा रही है। ग्राम प्रधान अनीता गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक गांव में आ चुके हैं। ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर पेयजल योजना की मांग की। बुजुर्ग प्रताप गिरी, शिव गिरी ने बताया कि ग्रामीण दूर से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं।
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गांव के नवयुवक राजेंद्र गिरी गोस्वामी, भगवत गिरी गोस्वामी ने पेयजल पंपिंग योजना बनवाने की मांग की। क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्या गोदावरी आर्या का कहना है कि जिला पंचायत की बोर्ड की बैठक में कई बार गांव में पेयजल योजना बनवाने की मांग की। फिर भी शासन-प्रशासन ने गांव के लिए पेयजल योजना नहीं बनवाई।
गरुड़ (बागेश्वर) डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बैजनाथ (फुलवारी गूंठ) में पेयजल योजना न होने के मामले को गंभीरता से लिया है। डीएम ने ग्राम प्रधान से ग्राम पंचायत की बैठक में गांव में पेयजल पंपिंग योजना का प्रस्ताव पारित करवाने को कहा। उन्होंने बताया कि गांव की पेयजल पंपिंग योजना को जिला योजना के प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा।
गरुड़ (बागेश्वर)। जल संस्थान के एई अशोक कुमार भट्ट ने बताया कि बैजनाथ में विभाग की पेयजल योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों से पेयजल योजना के निर्माण के लिए जल स्रोत खोजने के लिए विभाग ने कई बार कह दिया है। उन्होंने बताया कि गांव की पेयजल समस्या का समाधान पंपिंग योजना के निर्माण से हो सकता है।
गरुड़ (बागेश्वर)। सीएचसी बैजनाथ के डॉ. संजीव सरना ने बताया कि गोमती का पानी प्रदूषित है। उन्होंने बताया कि गांव के लोग जब उपचार के लिए अस्पताल आते हैं तो अधिकतर लोगों में पीलिया के लक्षण पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि बैजनाथ के ग्रामीणों से नदी का पानी न पीने के लिए कई बार कह दिया गया है।