{"_id":"613121ee8ebc3e35e94a3432","slug":"women-becoming-self-reliant-using-local-resources-bageshwar-news-hld436627536","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं
विज्ञापन
कपकोट में अचार बनाने का प्रशिक्षण लेतीं महिलाएं। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। कपकोट तहसील में महिलाएं स्थानीय संसाधनों के उपयोग से आत्मनिर्भर बन रही हैं। समय-समय पर उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत दिए जाने वाले प्रशिक्षण उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में मददगार साबित हो रहे हैं। शामा और कपकोट की 49 महिलाओं ने भी उद्यमिता विकास के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाया है।
शामा में उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत 21 दिवसीय रिंगाल पर आधारित प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। शिविर में गांव की महिलाओं को रिंगाल से टोकरी, पूजा थाल, डलिया, फूलदान आदि बनाने के गुर सिखाए गए। शिविर के समापन पर शिविर में सीखे ज्ञान के आधार पर महिलाओं का परीक्षण किया गया। महिलाओं ने भी आकर्षक उत्पाद बनाकर अपने हुनर को साबित किया। समापन के मुख्य अतिथि मशरुम ट्रेनर भगवत सिंह कोरंगा ने महिलाओं की हौसलाअफजाई की और सीखे ज्ञान को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर आर्थिक स्थिति में सुधार लाने को कहा। शिविर में 24 ग्रामीणों ने भागीदारी की। मास्टर ट्रेनर मनोज कुमार ने महिलाओं को प्रशिक्षित किया। ग्राम प्रधान सुनीता देवी, प्रताप राम आदि ने शिविर संचालन में सहयोग किया।
इधर, कपकोट गांव में फल संरक्षण आधारित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। शिविर में महिला समूह की 25 सदस्यों ने अचार, जूूस और पनीर बनाने का प्रशिक्षण लिया। मास्टर ट्रेनर शामा ग्रोथ सेंटर के अध्यक्ष राजेंद्र कोरंगा ने विभिन्न फलों का जूस और अचार बनाने का विस्तार से प्रशिक्षण दिया। महिलाओं को विभिन्न फलों के उत्पादन करने के लिए भी प्रेरित किया। प्रशिक्षक भनार के लक्ष्मण सिंह ने पनीर बनाने और उसके उपयोग का प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र से पंकज तिवारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य विमला देवी, ग्राम प्रधान सीता देवी, पूर्व प्रधान माधवी कपकोटी, बीना कपकोटी, कविता कपकोटी, प्रेमा कपकोटी, दुर्गा कपकोटी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामा में उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत 21 दिवसीय रिंगाल पर आधारित प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। शिविर में गांव की महिलाओं को रिंगाल से टोकरी, पूजा थाल, डलिया, फूलदान आदि बनाने के गुर सिखाए गए। शिविर के समापन पर शिविर में सीखे ज्ञान के आधार पर महिलाओं का परीक्षण किया गया। महिलाओं ने भी आकर्षक उत्पाद बनाकर अपने हुनर को साबित किया। समापन के मुख्य अतिथि मशरुम ट्रेनर भगवत सिंह कोरंगा ने महिलाओं की हौसलाअफजाई की और सीखे ज्ञान को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर आर्थिक स्थिति में सुधार लाने को कहा। शिविर में 24 ग्रामीणों ने भागीदारी की। मास्टर ट्रेनर मनोज कुमार ने महिलाओं को प्रशिक्षित किया। ग्राम प्रधान सुनीता देवी, प्रताप राम आदि ने शिविर संचालन में सहयोग किया।
विज्ञापन
इधर, कपकोट गांव में फल संरक्षण आधारित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। शिविर में महिला समूह की 25 सदस्यों ने अचार, जूूस और पनीर बनाने का प्रशिक्षण लिया। मास्टर ट्रेनर शामा ग्रोथ सेंटर के अध्यक्ष राजेंद्र कोरंगा ने विभिन्न फलों का जूस और अचार बनाने का विस्तार से प्रशिक्षण दिया। महिलाओं को विभिन्न फलों के उत्पादन करने के लिए भी प्रेरित किया। प्रशिक्षक भनार के लक्ष्मण सिंह ने पनीर बनाने और उसके उपयोग का प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र से पंकज तिवारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य विमला देवी, ग्राम प्रधान सीता देवी, पूर्व प्रधान माधवी कपकोटी, बीना कपकोटी, कविता कपकोटी, प्रेमा कपकोटी, दुर्गा कपकोटी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन