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Bageshwar News: जिले में मौसम का पहला हिमपात, बर्फ से लकदक हुए पहाड़
Mon, 09 Dec 2024 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 09 Dec 2024 11:32 PM IST
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बागेश्वर/कपकोट/कौसानी/कांडा। जिले में मौसम का पहला हिमपात हुआ। कपकोट के मल्ला और बिचला दानपुर के कई गांवाें में बर्फबारी हुई है। ऊंचाई वाले क्षेत्र के पहाड़ बर्फ से लकदक हैं। वहीं जिले के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई तो कौसानी में हल्की ओलावृष्टि के बाद मौसम काफी ठंडा हो गया है। जिला मुख्यालय समेत निचले इलाकों में सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
मौसम विभाग की ओर से ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने का अनुमान जताया था जो सही साबित हुआ। कपकोट के मल्ला दानपुर क्षेत्र की सरयू घाटी, पिंडर घाटी और बिचला दानपुर के गांवों में सोमवार की सुबह जमकर हिमपात हुआ। कर्मी विनायक, बघर, धूर, सोराग, डौला, बदियाकोट, किलपारा, कुंवारी, बोरलबड़ा, हरकोट, जांतोली, वाछम, कीमू, गोगिना, लीती, शामा, सूपी, झूनी, खलझूनी, पेठी, चौड़ास्थल, तरसाल, वैछम, मिकिलाखलपट्टा आदि क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद तापमान गिर गया। बर्फबारी के बाद क्षेत्र के गांव चांदी के समान चमक रहे हैं।
वहीं कपकोट, कांडा, दुगनाकुरी क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुृई। जिला मुख्यालय में सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए थे। दोपहर तक धूप-छांव का खेल चला, फिर आसमान पूरी तरह से बादलों से ढक गया। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद जिला मुख्यालय समेत निचले इलाकों में तेज सर्द हवाएं चल रही हैं। इधर, कौसानी में दोपहर के समय हल्की ओलावृष्टि हुई। ओले गिरने के बाद चल रही ठंडी हवाओं से लोगों को ठंड का एहसास हुआ। मौसम का मिजाज बदलने के बाद ऊंचाई वाले इलाकाें में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
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अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की कमी
बागेश्वर। कपकोट के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद जिला मुख्यालय के अधिकतम तापमान में पांच और न्यूनतम में दो डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। सोमवार को जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस रहा। कपकोट तहसील मुख्यालय का अधिकतम तापमान 13 और न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस रहा।
सिटरस फलों के लिए लाभदायक है बर्फबारी
बागेश्वर। जिले में हुई पहली बर्फबारी का लाभ किसानों को मिलेगा। केवीके के वैज्ञानिक डॉ. केके पांडेय ने बताया कि इस साल नवंबर में बारिश नहीं हुई थी। ओस भी नहीं गिर रही थी। ऐसे में सिटरस फलों में रस और स्वाद की कमी होने की समस्या हो सकती थी। बर्फबारी के बाद इन फलों को संजीवनी मिलेगी और सिटरस फलों के रस और स्वाद में कमी की परेशानी भी दूर होगी। उन्होंने कीवी उत्पादकों को जल्द से जल्द कीवी को तोड़ने की सलाह दी है। कहा कि अधिक बर्फबारी से कीवी फल ठोस हो सकता है।
20 सड़कें बर्फबारी के लिहाज से संवेदनशील
बागेश्वर। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जिले में बर्फबारी के दौरान 20 सड़कों पर यातायात प्रभावित होता है। इन सड़कों को बर्फबारी की दृष्टि से संवेदनशील चयनित किया गया है। इन सड़कों पर बर्फ हटाने के लिए 12 जेसीबी मशीन लगाई गई हैं। चार जेसीबी सरकारी हैं, बाकी विभाग टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से निजी मशीनों को लगाएंगे।
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मौसम विभाग की ओर से ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने का अनुमान जताया था जो सही साबित हुआ। कपकोट के मल्ला दानपुर क्षेत्र की सरयू घाटी, पिंडर घाटी और बिचला दानपुर के गांवों में सोमवार की सुबह जमकर हिमपात हुआ। कर्मी विनायक, बघर, धूर, सोराग, डौला, बदियाकोट, किलपारा, कुंवारी, बोरलबड़ा, हरकोट, जांतोली, वाछम, कीमू, गोगिना, लीती, शामा, सूपी, झूनी, खलझूनी, पेठी, चौड़ास्थल, तरसाल, वैछम, मिकिलाखलपट्टा आदि क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद तापमान गिर गया। बर्फबारी के बाद क्षेत्र के गांव चांदी के समान चमक रहे हैं।
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वहीं कपकोट, कांडा, दुगनाकुरी क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुृई। जिला मुख्यालय में सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए थे। दोपहर तक धूप-छांव का खेल चला, फिर आसमान पूरी तरह से बादलों से ढक गया। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद जिला मुख्यालय समेत निचले इलाकों में तेज सर्द हवाएं चल रही हैं। इधर, कौसानी में दोपहर के समय हल्की ओलावृष्टि हुई। ओले गिरने के बाद चल रही ठंडी हवाओं से लोगों को ठंड का एहसास हुआ। मौसम का मिजाज बदलने के बाद ऊंचाई वाले इलाकाें में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
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अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की कमी
बागेश्वर। कपकोट के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद जिला मुख्यालय के अधिकतम तापमान में पांच और न्यूनतम में दो डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। सोमवार को जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस रहा। कपकोट तहसील मुख्यालय का अधिकतम तापमान 13 और न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस रहा।
सिटरस फलों के लिए लाभदायक है बर्फबारी
बागेश्वर। जिले में हुई पहली बर्फबारी का लाभ किसानों को मिलेगा। केवीके के वैज्ञानिक डॉ. केके पांडेय ने बताया कि इस साल नवंबर में बारिश नहीं हुई थी। ओस भी नहीं गिर रही थी। ऐसे में सिटरस फलों में रस और स्वाद की कमी होने की समस्या हो सकती थी। बर्फबारी के बाद इन फलों को संजीवनी मिलेगी और सिटरस फलों के रस और स्वाद में कमी की परेशानी भी दूर होगी। उन्होंने कीवी उत्पादकों को जल्द से जल्द कीवी को तोड़ने की सलाह दी है। कहा कि अधिक बर्फबारी से कीवी फल ठोस हो सकता है।
20 सड़कें बर्फबारी के लिहाज से संवेदनशील
बागेश्वर। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जिले में बर्फबारी के दौरान 20 सड़कों पर यातायात प्रभावित होता है। इन सड़कों को बर्फबारी की दृष्टि से संवेदनशील चयनित किया गया है। इन सड़कों पर बर्फ हटाने के लिए 12 जेसीबी मशीन लगाई गई हैं। चार जेसीबी सरकारी हैं, बाकी विभाग टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से निजी मशीनों को लगाएंगे।