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मजियाखेत में जल संकट बरकरार, टैकरों, गधेरों से हो रही जलापूर्ति
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बागेश्वर में टैंकर से पानी भरते मजियाखेत के लोग। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिला मुख्यालय के मजियाखेत क्षेत्र में शनिवार को 18वें दिन भी पेयजल आपूर्ति नहीं हुई। सड़क से लगे हिस्सों में टैंकर से पानी बांटा जा रहा है। क्षेत्र के लोग नारायणद्यो गधेरे से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।
मजियाखेत पेयजल योजना नगर पालिका संचालित करती है। लाइन में आई खराबी को नगर पालिका 19 दिन में भी सुधार नहीं सकी है। पानी न आने से लोग परेशान हो गए हैं। लोग जलधारों, प्राकृतिक स्रोतों, गधेरों से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। इससे परेशान इलाके के लोग एनएच पर जाम लगाकर तहसील कार्यालय परिसर में धरना तक दे चुके हैं।
मजियाखेत निवासी पूर्व कनिष्ठ उपप्रमुख सुनीता टम्टा का कहना है 18 दिन से योजना ठप है। क्षेत्रवासी गंभीर जल संकट झेल रहे हैं। योजना न सुधरना गंभीर लापरवाही है। एसडीएम हर गिरी के निर्देश पर जल संस्थान कर्मी भी लाइन को दुरुस्त करने में जुटे हैं। नगर पालिका के ईओ राजदेव जायसी का कहना है कि पाइप लाइनों में हवा भरने से दिक्कत आई है। कई जगह लाइन में यूनियन आदि उपकरण बदले जा रहे हैं।
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द्वाराहाट के कई क्षेत्रों में नहीं आया पानी, पुनर्गठन की मांग
द्वाराहाट/भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। रामगंगा पेयजल योजना के पंप में खराबी के कारण नगर सहित आसपास के कई गांवों में शनिवार को पेयजल आपूर्ति बाधित रही, जिस कारण ग्रामीणों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग दूरदराज के पारंपरिक स्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर हुए। हालांकि जल संस्थान ने बाजपुर से मैकेनिक बुलाकर सुधारीकरण का कार्य शुरू कर दिया है।
कल रविवार से आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। दो अक्तूबर को भी पंप का ट्रांसफार्मर फुंकने से कई दिनों से पेयजल संकट हो गया था। वहीं भतरौंजखान और इसके आसपास के गांवों में 15 दिनों से पेयजल किल्लत है। ठंड के दिनों में नलों में पानी न आने के कारण लोगों को पानी ढोने में भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
रामगंगा पेयजल योजना पुरानी योजना है। पुनर्गठन न होने से आए दिन लाइनें और पंप जवाब दे जाते हैं। इसका खामियाजा सैकड़ों ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। योजना में खराबी आने से नगर पंचायत सहित गंवाड, कोटिला, भुमकिया, उटौड़ आदि क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। उपभोक्ताओं ने बताया कि पहले भी कई कई दिनों तक पानी के बगैर रहना पड़ा था। शनिवार को भी इन गांवों में आपूर्ति ठप रही।
दूरदराज के पारंपरिक स्रोतों पर लोग निर्भर रहे। ग्रामीणों ने कहा कि पारंपरिक जल स्रोत भी अत्यधिक दूरी पर हैं। क्षेत्र में तेंदुए का आतंक भी है। स्थानीय नागरिकों ने योजना के पुनर्गठन करने की माग की है। जल संस्थान के जेई एसएस रौतेला ने बताया कि बाजपुर से मैकेनिक पहुंच गए हैं। वह योजना पर काम कर रहे हैं। रविवार सुबह ही पेयजल आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।
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मजियाखेत पेयजल योजना नगर पालिका संचालित करती है। लाइन में आई खराबी को नगर पालिका 19 दिन में भी सुधार नहीं सकी है। पानी न आने से लोग परेशान हो गए हैं। लोग जलधारों, प्राकृतिक स्रोतों, गधेरों से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। इससे परेशान इलाके के लोग एनएच पर जाम लगाकर तहसील कार्यालय परिसर में धरना तक दे चुके हैं।
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मजियाखेत निवासी पूर्व कनिष्ठ उपप्रमुख सुनीता टम्टा का कहना है 18 दिन से योजना ठप है। क्षेत्रवासी गंभीर जल संकट झेल रहे हैं। योजना न सुधरना गंभीर लापरवाही है। एसडीएम हर गिरी के निर्देश पर जल संस्थान कर्मी भी लाइन को दुरुस्त करने में जुटे हैं। नगर पालिका के ईओ राजदेव जायसी का कहना है कि पाइप लाइनों में हवा भरने से दिक्कत आई है। कई जगह लाइन में यूनियन आदि उपकरण बदले जा रहे हैं।
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द्वाराहाट के कई क्षेत्रों में नहीं आया पानी, पुनर्गठन की मांग
द्वाराहाट/भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। रामगंगा पेयजल योजना के पंप में खराबी के कारण नगर सहित आसपास के कई गांवों में शनिवार को पेयजल आपूर्ति बाधित रही, जिस कारण ग्रामीणों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग दूरदराज के पारंपरिक स्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर हुए। हालांकि जल संस्थान ने बाजपुर से मैकेनिक बुलाकर सुधारीकरण का कार्य शुरू कर दिया है।
कल रविवार से आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। दो अक्तूबर को भी पंप का ट्रांसफार्मर फुंकने से कई दिनों से पेयजल संकट हो गया था। वहीं भतरौंजखान और इसके आसपास के गांवों में 15 दिनों से पेयजल किल्लत है। ठंड के दिनों में नलों में पानी न आने के कारण लोगों को पानी ढोने में भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
रामगंगा पेयजल योजना पुरानी योजना है। पुनर्गठन न होने से आए दिन लाइनें और पंप जवाब दे जाते हैं। इसका खामियाजा सैकड़ों ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। योजना में खराबी आने से नगर पंचायत सहित गंवाड, कोटिला, भुमकिया, उटौड़ आदि क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। उपभोक्ताओं ने बताया कि पहले भी कई कई दिनों तक पानी के बगैर रहना पड़ा था। शनिवार को भी इन गांवों में आपूर्ति ठप रही।
दूरदराज के पारंपरिक स्रोतों पर लोग निर्भर रहे। ग्रामीणों ने कहा कि पारंपरिक जल स्रोत भी अत्यधिक दूरी पर हैं। क्षेत्र में तेंदुए का आतंक भी है। स्थानीय नागरिकों ने योजना के पुनर्गठन करने की माग की है। जल संस्थान के जेई एसएस रौतेला ने बताया कि बाजपुर से मैकेनिक पहुंच गए हैं। वह योजना पर काम कर रहे हैं। रविवार सुबह ही पेयजल आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।