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इंटरनेट के इस्तेमाल ने घटाई पुस्तकालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 11:55 PM IST
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Use of Internet has reduced the number of students studying in the library
बागेश्वर जिला शाखा पुस्तकालय में पढ़ाई करते युवा। - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग से पुस्तकालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटते जा रही है। नई किताबों का अभाव भी छात्रों में पुस्तकालय में पढ़ाई की उत्सुकता को कम कर रहा है।
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जिला शाखा पुस्तकालय बागेश्वर में पिछले पांच वर्षों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटी है। इंटरनेट के अत्यधिक चलन के बाद अब लाइब्रेरी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में गिरावट आ रही है। वहीं इन पुस्तकालयों में जरूरत के मुताबिक किताबें नहीं होने से भी विद्यार्थियों में यहां पढ़ने की रुचि घट रही है। एक दौर था जब रोज पुस्तकालय में अध्ययन के लिए 50-60 विद्यार्थी आते थे। अब बमुश्किल 10 से 15 विद्यार्थी पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं।
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पुस्तकालय प्रभारी हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि यहां अधिकतर छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। तीन साल से लाइब्रेरी में नई पुस्तकें नहीं आई है। इंटरनेट पर सारी चीजें उपलब्ध होने से भी पुस्तकालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या प्रभावित हुई है।
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ऑनलाइन पढ़ाई के लिए लगे हैं चार कंप्यूटर
बागेश्वर। जिला शाखा पुस्तकालय में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए चार कंप्यूटर लगे हैं। इनमें इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध है। मोबाइल से नेट चलाने के लिए भी यहां फ्री वाईफाई सुविधा दी गई है। जो कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है। बावजूद यहां अध्ययन करने वाले युवाओं की संख्या घटते जा रही है।
कोट
जिला पुस्तकालय बनने से युवाओं को लाभ मिलेगा। लाइब्रेरी में किताबों की संख्या भी बढ़ेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में आसानी होगी। -सुनील कुमार, छात्र
जरूरत के मुताबिक सारी किताबें नहीं मिल पाती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई किताबें आनी चाहिए। पुस्तकालय का उच्चीकरण होना चाहिए।- हिमांशु शर्मा छात्र ।
इनसेट
पुस्तकालय में पढ़ाई का माहौल रहता है। साथी युवाओं को देखकर पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा होती है। किताबों के अभाव से निराशा होती है। शाखा पुस्तकालय के बजाय जिला पुस्तकालय होना चाहिए। हरीश सिन्हा छात्र।

इनसेट
पुस्तकालय ज्ञान और सूचनाओं का संग्रह होता है। इसका उच्चीकरण होना चाहिए। इससे यहां के युवाओं को लाभ मिलेगा। नौकरी मिलने में भी आसानी होगी। हरीश तलवार छात्र
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