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यातायात में बाधा डाल रहे हैं लावारिस पशु
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sun, 04 Nov 2018 10:44 PM IST
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बागेश्वर सरयू पुल में आराम करते लावारिस जानवर।
- फोटो : अमर उजाला
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नगर में घूम रहे लावारिस पशु यातायात में बाधा डाल रहे हैं। नगर पालिका व जिला प्रशासन द्वारा लावारिस पशुओं के संबंध में ठोस कार्य योजना नहीं बना पा रहा है।
नगर के विभिन्न हिस्सों में लावारिस जानवर दिन भर घूमते रहते हैं। इससे यातायात बाधित हो रहा है। जिला अस्पताल के समीप सरयू पुल में लावारिस जानवर आराम करते हैं। पुल में जानवरों की संख्या इतनी अधिक रहती है कि लोगों का पैदल चलना दूभर हो जाता है। विकास भवन के समीप सरयू पुल भी लावारिस जानवरों से भरा रहता है।
इस समस्या से निबटने के लिए नगर पालिका व जिला प्रशासन के पास भी ठोस उपाय नहीं हैं। नगर में लावारिस जानवरों को गो सदन में रखे जाने की योजना पर भी कार्य नहीं हो पा रहा है। निजी गो सदन भी लावारिस जानवरों को अपने पास रखने के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में फिलहाल इस समस्या का निस्तारण होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। यातायात पुलिस के लिए भी इससे निबटना मुश्किल हो रहा है।
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काेट-
लावारिस जानवर लोगों के लिए परेशानी बने हैं ही। पूर्व में कई बार इन्हें गाड़ियों में भरकर बाजपुर गो सदन भेजा गया था। कई पशु पालक फिर जानवरों को शहर में खुला छोड़ देते हैं। इनको गो सदन भेजे जाने के संबंध में विचार किया जा रहा है। - राजदेव जायसी, ईओ नगर पालिका
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नगर के विभिन्न हिस्सों में लावारिस जानवर दिन भर घूमते रहते हैं। इससे यातायात बाधित हो रहा है। जिला अस्पताल के समीप सरयू पुल में लावारिस जानवर आराम करते हैं। पुल में जानवरों की संख्या इतनी अधिक रहती है कि लोगों का पैदल चलना दूभर हो जाता है। विकास भवन के समीप सरयू पुल भी लावारिस जानवरों से भरा रहता है।
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इस समस्या से निबटने के लिए नगर पालिका व जिला प्रशासन के पास भी ठोस उपाय नहीं हैं। नगर में लावारिस जानवरों को गो सदन में रखे जाने की योजना पर भी कार्य नहीं हो पा रहा है। निजी गो सदन भी लावारिस जानवरों को अपने पास रखने के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में फिलहाल इस समस्या का निस्तारण होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। यातायात पुलिस के लिए भी इससे निबटना मुश्किल हो रहा है।
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काेट-
लावारिस जानवर लोगों के लिए परेशानी बने हैं ही। पूर्व में कई बार इन्हें गाड़ियों में भरकर बाजपुर गो सदन भेजा गया था। कई पशु पालक फिर जानवरों को शहर में खुला छोड़ देते हैं। इनको गो सदन भेजे जाने के संबंध में विचार किया जा रहा है। - राजदेव जायसी, ईओ नगर पालिका