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Bageshwar News: धार्मिक, साहसिक पर्यटन के साथ बढ़ेगा औद्यानिक पर्यटन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Feb 2023 11:49 PM IST
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Tourism in bageshwar

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बागेश्वर। जिले में धार्मिक साहसिक पर्यटन के साथ ही औद्यानिक पर्यटन को एक साथ जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। सैलानियों को धार्मिक, साहसिक पर्यटन के साथ ही औद्यानिक पर्यटन से जोड़कर स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत योजना बनाई है। इसके तहत नए पर्यटन क्षेत्र विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
जिले में पौराणिक बागनाथ, बैजनाथ धाम, कोटभ्रामरी, भद्रकाली, मूल नारायण शिखर, भगवती मंदिर बदियाकोट, धौलीनाग मंदर, सरयू के उद्गमस्थल सरमूल के साथ ही कई पौराणिक, ऐतिहासिक धार्मिक स्थल भी हैं। पिंडारी, कफनी, सुंदरढूंगा जैसे विख्यात ग्लेशियर और ट्रेल दर्रा भी है। इनमें धार्मिक पर्यटन के साथ ही साहसिक पर्यटन की भी अपार संभावना है।
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डीएम अनुराधा पाल धार्मिक, साहसिक पर्यटन के साथ औद्यानिक पर्यटन को जोड़कर जिले में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करा रही हैं। जिले के कई इलाके कीवी से समृद्ध हो रहे हैं। कपकोट के शामा, लीती, दुलम, झूनी-खलझूनी के साथ ही गरुड़, कौसानी में कीवी का प्रचुर उत्पादन होता है। जिले में करीब 600 क्विंटल कीवी का उत्पादन होता है। उद्यान विभाग कीवी उत्पादन को 1,500 क्विंटल तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए कई नए क्षेत्रों में कीवी का प्लांटेशन किया जा रहा है। जिले में स्ट्रॉबेरी का उत्पादन हो रहा है। पिंडर घाटी में उन्नत प्रजाति का सेब, आड़ू, पुलम पैदा होता है।
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डीएम पाल ने जिला विभाग को धार्मिक, साहसिक पर्यटन के साथ औद्यानिक पर्यटन को जोड़ने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। धार्मिक, साहसिक पर्यटन क्षेत्रों के साथ ही औद्यानिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थलों को विकसित कर नए साहसिक पर्यटन स्थलों को विकसित करने की भी योजना है।



पिथौरागढ़ के नामिक को ट्रैकिंग से जोड़ा जाएगा
बागेश्वर। पिथौरागढ़ जिले के नामिक ट्रैक को भी जोड़ने की योजना है। नामिक के लिए स्वीकृत सड़क का निर्माण कराना भी जिला प्रशासन की प्राथमिकता में है। डीएम अनुराधा पाल ने बताया कि वर्ष 2015 में जिले के गोगिना से नामिक के लिए सात किमी लंबी सड़क स्वीकृत हुई है। सड़क निर्माण की बाधाओं को दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। नामिक की दूरी पिथौरागढ़ से काफी अधिक है। पिथौरागढ़ के बिर्थी से नामिक जाने के लिए 27 किमी पैदल चलना पड़ता है। बागेश्वर जिले के गोगिना से नामिक की पैदल दूरी मात्र सात किमी है। ट्रैकिंग रूट दुरुस्त होने और नामिक तक सड़क पहुंचने से बागेश्वर जिले में साहसिक पर्यटन के लिए आने वाले लोग नामिक और हीरामणि ग्लेशियर भी देख सकेंगे।




जिले में धार्मिक, साहसिक पर्यटन के साथ ही औद्यानिक पर्यटन की भी अपार संभावना है। इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। धार्मिक, साहसिक पर्यटन के साथ ही औद्यानिक पर्यटन से भी जिले के लोगों की आमदनी बढ़ सकेगी। - अनुराधा पाल, डीएम, बागेश्वर।
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