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दूसरे दिन भी नहीं निकाला जा सका गुफा में दबा व्यक्ति
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कांडा के गुड़मुड़थल (दोणोथल) में पोकलेंड से खुदाई करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
कांडा/बागेश्वर। वन्यजीव सेही (शौल) के शिकार के चक्कर में मलबे में दबे व्यक्ति को दूसरे दिन भी नहीं निकाला जा सका। गुफा की खोदाई में जुटी पोकलैंड मशीन दूसरे दिन भी फेल रही। इस काम में बारिश के कारण भी व्यवधान आया। अब शनिवार को ड्रिल मशीन से खोदाई की जाएगी।
दोणोथल (सनिउडियार) क्षेत्र के गुड़मुड़थल के जंगल में कुछ लोगों ने सेही (शौल) मारने के लिए बुधवार शाम बिल में धुआं लगाया था। बृहस्पतिवार सुबह ग्राम सानिउडियार निवासी जीवन राम (42) पुत्र दुर्गाराम निवासी, रमेश राम (42) पुत्र प्रताप राम और ग्राम दाणोथल निवासी हरीश राम (36) पुत्र बसंत राम समेत पांच लोग शौल की गुफा के पास गए। गुफा के अंदर सबसे पहले जीवन राम गया। जो काफी देर तक बाहर नहीं आया। इसके बाद हरीश राम गुफा में घुसा। वह भी वह भी बाहर नहीं आया तो रमेश राम भी उनको देखने के लिए गुफा में चला गया और वह भी बाहर नहीं निकला।
गांव के लोगों ने हरीश राम और रमेश राम को गुफा से बाहर खींच लिया लेकिन गुफा में फंसा जीवन नहीं मिला। गुफा के भीतर गए एसडीआरएफ के जवानों को जीवन राम के पैर दिखाई दिए थे लेकिन शरीर मलबे में दबा होने और अंधेरा होने के कारण बृहस्पतिवार को खोदाई का काम रोकना पड़ा। एसडीएम योगेंद्र सिंह के निर्देश पर शुक्रवार को खोदाई के लिए पोकलैंड मशीन लगाई। तहसीलदार मैनपाल सिंह का कहना है कि शाम छह बजे तक गुफा के किनारे खोदाई की लेकिन हार्डरॉक लगने के कारण खोदाई बंद करनी पड़ी। शनिवार को ड्रिल मशीन से खोदाई की जाएगी।
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दोणोथल (सनिउडियार) क्षेत्र के गुड़मुड़थल के जंगल में कुछ लोगों ने सेही (शौल) मारने के लिए बुधवार शाम बिल में धुआं लगाया था। बृहस्पतिवार सुबह ग्राम सानिउडियार निवासी जीवन राम (42) पुत्र दुर्गाराम निवासी, रमेश राम (42) पुत्र प्रताप राम और ग्राम दाणोथल निवासी हरीश राम (36) पुत्र बसंत राम समेत पांच लोग शौल की गुफा के पास गए। गुफा के अंदर सबसे पहले जीवन राम गया। जो काफी देर तक बाहर नहीं आया। इसके बाद हरीश राम गुफा में घुसा। वह भी वह भी बाहर नहीं आया तो रमेश राम भी उनको देखने के लिए गुफा में चला गया और वह भी बाहर नहीं निकला।
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गांव के लोगों ने हरीश राम और रमेश राम को गुफा से बाहर खींच लिया लेकिन गुफा में फंसा जीवन नहीं मिला। गुफा के भीतर गए एसडीआरएफ के जवानों को जीवन राम के पैर दिखाई दिए थे लेकिन शरीर मलबे में दबा होने और अंधेरा होने के कारण बृहस्पतिवार को खोदाई का काम रोकना पड़ा। एसडीएम योगेंद्र सिंह के निर्देश पर शुक्रवार को खोदाई के लिए पोकलैंड मशीन लगाई। तहसीलदार मैनपाल सिंह का कहना है कि शाम छह बजे तक गुफा के किनारे खोदाई की लेकिन हार्डरॉक लगने के कारण खोदाई बंद करनी पड़ी। शनिवार को ड्रिल मशीन से खोदाई की जाएगी।
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