फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   The loss of sandalwood is a deep loss to Uttarakhand: Bhagda

चंदन का जाना उत्तराखंड की गहरी क्षति : भगदा

Wed, 26 Apr 2023 10:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Wed, 26 Apr 2023 10:11 PM IST
विज्ञापन
The loss of sandalwood is a deep loss to Uttarakhand: Bhagda
काफलीगैर में बीते मंगलवार को कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास का स्वागत करते भाजपा कार्यकर्ता। फाइल
बागेश्वर। स्व. चंदन राम दास को भाजपा में लाने वाले पूर्व राज्यपाल/उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने दास के निधन को बागेश्वर की ही नहीं उत्तराखंड की गहरी क्षति बताया है।
विज्ञापन

अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में कोश्यारी ने कहा कि चंदन राम दास के निधन की सूचना पाकर मन कोे अत्यंत पीड़ा हुई है। चंदन एक आदर्श राजनीतिज्ञ थे। वह मंत्रिमंडल के साथ ही क्षेत्र (बागेश्वर) में चंदन की भांति खुशबू बिखेरते थे। उनके कार्य करने की शैली अद्भुत थी। योजनाओं को पूरा कराने में उनकी काबिलियत के सब कायल थे, उनकी कार्यक्षमता उन्हें अन्य विधायकों से अलग करती थी।
विज्ञापन

भगत दा ने कहा कि चंदन उनके व्यक्तिगत मित्र थे। उन्हें क्षेत्र समाज के हित में कोई बात बताई जाती ती, तो उस पर तत्काल अमल करते थे। वह एसससी वर्ग के साथ ही गरीब और पिछड़े वर्ग की आशा के किरण थे। उनके निधन से जो रिक्तता आई है। उसे भर पाना संभ नहीं है। चंदन हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगे। कोश्यारी ने चंदन राम दास को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ईश्वर उनके परिवार और स्वजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा ने बड़ा दलित चेहरा खोया
बागेश्वर। चंदन राम दास के रूप में भाजपा ने एक बड़ा दलित चेहरा खो दिया है। वह स्वच्छ छवि के राजनेता थे। उनका कभी भी किसी प्रकार के विवादों में नाम नहीं आया। उनकी बेदाग छवि रही। इसकी भरपाई भाजपा के लिए आसान नहीं होगी।

बीते 13 अप्रैल को मनाया था जन्मदिन
बगेश्वर। स्वर्गीय चंदन राम दास ने बीते 13 अप्रैल को अपना 66वां जन्मदिन परिजनों के साथ देहरादून स्थित सरकारी आवास पर मनाया था। कार्यक्रम में परिजन शामिल हुए थे।



मतदान के बाद ही जीत को थे आश्वस्त
बागेश्वर। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भले ही अस्वस्थता के कारण चुनाव अभियान में पूरी तरह से सक्रिय नहीं रह पाए, लेकिन 14 फ्रवरी 2022 को जब मतदान हुआ तो दास बेहद प्रसन्न मुद्रा में थे। उन्होंने जिला पंचायत स्थित बूथ में वोट डालने के बाद पत्नी पार्वती दास के साथ बाहर निकलते हुए मीडिया को विक्ट्री चिह्न बनाकर खुशी का इजहार किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed