{"_id":"684dbbd8d09dbdffce09d6e6","slug":"the-government-is-not-taking-care-of-the-unemployed-due-to-the-closure-of-mining-aithani-bageshwar-news-c-231-1-shld1005-116364-2025-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनन बंद होने से हुए बेरोजगारों की सुध नहीं ले रही सरकार : ऐठानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खनन बंद होने से हुए बेरोजगारों की सुध नहीं ले रही सरकार : ऐठानी
Sat, 14 Jun 2025 11:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 14 Jun 2025 11:43 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर में पत्रकारों से बातचीत करते हरीश ऐठानी। संवाद
बागेश्वर। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने सरकार पर जिले में खनन गतिविधियां बंद होने के बाद बेरोजगारी की मार झेल रहे लोगाें की सुध नहीं लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने वर्षों पहले आपदा की मार झेल चुके क्षेत्रों में ठोस कार्य नहीं होने पर नाराजगी जताई।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऐठानी ने कहा कि जिले में खड़िया रोजगार का मुख्य साधन है। सैकड़ों लोग इससे आजीविका कमाते हैं। खनन गतिविधियां पर कोर्ट की रोक लगने के बाद वाहन चालक, खेत मालिक, खच्चकर मालिक, श्रमिकों को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट की घड़ी में भी सरकार उनका साथ नहीं दे रही है। जिले के जनप्रतिनिधि भी इस मामले पर मौन हैं।
उन्होंने पुलिस की ओर से सीज किए गए डंपरों के कारण वाहन मालिकों और चालकों के बेरोजगाार होने की बात कही। जिले में क्रशर बंद होने जबकि सीमावर्ती क्षेत्रों में खुले होने पर भी सवाल उठाए। खदान क्षेत्रों में बने गड्ढों को नहीं भरने से मानसून काल में बड़ी घटनाएं होने की आशंका जताई। कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऐठानी ने कहा कि जिले में खड़िया रोजगार का मुख्य साधन है। सैकड़ों लोग इससे आजीविका कमाते हैं। खनन गतिविधियां पर कोर्ट की रोक लगने के बाद वाहन चालक, खेत मालिक, खच्चकर मालिक, श्रमिकों को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट की घड़ी में भी सरकार उनका साथ नहीं दे रही है। जिले के जनप्रतिनिधि भी इस मामले पर मौन हैं।
विज्ञापन
उन्होंने पुलिस की ओर से सीज किए गए डंपरों के कारण वाहन मालिकों और चालकों के बेरोजगाार होने की बात कही। जिले में क्रशर बंद होने जबकि सीमावर्ती क्षेत्रों में खुले होने पर भी सवाल उठाए। खदान क्षेत्रों में बने गड्ढों को नहीं भरने से मानसून काल में बड़ी घटनाएं होने की आशंका जताई। कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
विज्ञापन