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तीन दिन से धधक रहा चिरपतकोट का जंगल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2021 11:35 PM IST
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The forest of Chirpatkot has been burning for three days
कपकोट के चिरपतकोट के जंगल में लगी आग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
कपकोट (बागेश्वर)। कपकोट के चिरपतकोट के जंगल में पिछले तीन दिन से आग लगी हुई है। आग से वन संपदा को नुकसान पहुंचा है लेकिन वन विभाग इसे नियंत्रित फुकान (कंट्रोल बर्निंग) बता रहा है। हालांकि ग्रामीणों ने वन विभाग के दावों पर सवाल खड़े किए हैं और जांच की मांग की है।
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कपकोट से करीब सात किमी की दूरी पर स्थित चिरपतकोट के जंगल में बुधवार से आग लगी हुई है। जंगल बृहस्पतिवार को भी धधकते रहे। बृहस्पतिवार को इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि अग्निकाल में जंगलों को आग से बचाने के लिए नियंत्रित फुकान किया गया है। नियंत्रित फुकान के तहत जंगल में पड़े सूखे पत्ते आदि को नियंत्रित तरीके से जलाया जाता है जिससे की आगे कभी आग न फैले। शुक्रवार की सुबह भी जंगल में आग लगी हुई थी जो दोपहर में भी देखने को मिली। चिरपतकोट के साथ ही बेलंग, कन्यूटी के जंगलों में भी आग लगी है।
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शीतकाल में जंगलों में आग लगने की करीब 30 घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले अग्निकाल में जिले में जंगल में आग लगने की मात्र चार घटनाएं सामने आई थीं। कुल मिलाकर वन विभाग का नियंत्रित फुकान विवादों के घेरे में है। ग्रामीण सवाल उठ रहे हैं कि नियंत्रित फुकान है तो तीन दिन तक जंगल क्यों धधक रहे हैं। रात को भी जंगलों में आग क्यों लगी हुई है।
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वन विभाग का पक्ष
चिरपतकोट के जंगल में नियंत्रित फुकान किया गया था। ढलान वाली जगह पर आग रह गई होगी। आग बुझाने के लिए कर्मचारी भेजे गए हैं। - एसडी कांडपाल, वन क्षेत्राधिकारी कपकोट
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